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Chitrakoot News: बीस से अधिक गांवों में चार दिन से जलापूर्ति ठप
Sun, 27 Sep 2026 10:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 27 Sep 2026 10:59 PM IST
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मऊ (चित्रकूट)। मऊ क्षेत्र के लालता रोड के आसपास के 20 से अधिक गांवों में चार दिन से पेय जलापूर्ति ठप है।
पाइपलाइन से पानी न आने से ग्रामीणों को हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। हैंडपंपों की संख्या कम होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। वह घर के काम छोड़कर दूर-दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं।
क्षेत्र के लोधौरा, ददरी, सुरौंधा, वियावल, हटावा, चकार, चचौखर, खंडेहा, चोहर, गढ़वा जोरावर, दुबारी, धंधौरा, बंबुरा, लपांव सहित करीब दो दर्जन गांवों में जलापूर्ति बंद है। ग्रामीण सतीश पांडेय, शिव प्रसाद, दिनेश और राजेश मोहन ने बताया कि चार दिन से नलों में पानी नहीं आया है। गांवों में लगे हैंडपंप भी कम हैं।
महिलाओं को 200 मीटर दूर लगे हैंडपंपों पर जाकर पानी भरना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बरद्वारा उसरी, पनही, सेमरा, बरगढ़, ओबरी, खोहर, कटैया डाड़ी, कनिया करौंदी, खपटिहा, गाहुर, गोइयां कला और मुरका समेत कई गांवों में पानी की सप्लाई पहले की तुलना में आधी हो गई है। बरगढ़ के लोगों ने बताया कि कम दबाव से पानी आता है जिससे जरूरत पूरी नहीं हो पाती। इसी तरह की समस्या मानिकपुर क्षेत्र में भी देखने को मिल रही है जहां ग्रामीण पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं।
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जल निगम के जेई जय प्रकाश ने बताया कि बंबुरा गांव के पास बिजली की लाइन में फाल्ट हो गया था, जिसके कारण पंपिंग नहीं हो पा रही थी। फाल्ट को चिह्नित कर लिया गया है और सुधार कार्य चल रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सोमवार से सभी प्रभावित गांवों में जलापूर्ति सुचारु रूप से बहाल कर दी जाएगी।
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पाइपलाइन से पानी न आने से ग्रामीणों को हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। हैंडपंपों की संख्या कम होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। वह घर के काम छोड़कर दूर-दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं।
क्षेत्र के लोधौरा, ददरी, सुरौंधा, वियावल, हटावा, चकार, चचौखर, खंडेहा, चोहर, गढ़वा जोरावर, दुबारी, धंधौरा, बंबुरा, लपांव सहित करीब दो दर्जन गांवों में जलापूर्ति बंद है। ग्रामीण सतीश पांडेय, शिव प्रसाद, दिनेश और राजेश मोहन ने बताया कि चार दिन से नलों में पानी नहीं आया है। गांवों में लगे हैंडपंप भी कम हैं।
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महिलाओं को 200 मीटर दूर लगे हैंडपंपों पर जाकर पानी भरना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बरद्वारा उसरी, पनही, सेमरा, बरगढ़, ओबरी, खोहर, कटैया डाड़ी, कनिया करौंदी, खपटिहा, गाहुर, गोइयां कला और मुरका समेत कई गांवों में पानी की सप्लाई पहले की तुलना में आधी हो गई है। बरगढ़ के लोगों ने बताया कि कम दबाव से पानी आता है जिससे जरूरत पूरी नहीं हो पाती। इसी तरह की समस्या मानिकपुर क्षेत्र में भी देखने को मिल रही है जहां ग्रामीण पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं।
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जल निगम के जेई जय प्रकाश ने बताया कि बंबुरा गांव के पास बिजली की लाइन में फाल्ट हो गया था, जिसके कारण पंपिंग नहीं हो पा रही थी। फाल्ट को चिह्नित कर लिया गया है और सुधार कार्य चल रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सोमवार से सभी प्रभावित गांवों में जलापूर्ति सुचारु रूप से बहाल कर दी जाएगी।