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मतदाता लिखित मांग पत्र पर लें प्रत्याशियों की सहमति
चित्रकूट
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। नगर निकाय व नगर पंचायत के चुनाव होने से पहले यूपी इलेक्शन वॉच ने मतदाता जागरुकता कार्यक्रम चलाया है। जिसमें मतदाताओं को बताया जा रहा है कि मांग पत्र बनाने के बाद प्रत्याशियों से इसकी लिखित सहमति लें । प्रत्याशियों के जीतने के बाद इसी मांग पत्र के आधार पर विकास कार्य करने का दबाव डालें। पिछले जीते दावेदारों से पांच साल के कामक ाज का विवरण भी मांगे। पेड न्यूज में विधायक की सदस्यता समाप्त करने का जो फैसला आया है उसके पीछे यूपी इलेक्शन वॉच का ही प्रयास है।
शहर के श्रंगार पैलेस में रविवार को यूपी इलेक्शन वॉच के प्रदेश समन्यवय अनिल शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि देश की यह पहली घटना है जब चुनाव आयोग ने एमपी के मंत्री नरोत्तम मिश्रा कि विधानसभा सदस्यता इसलिए रद्द कर दी कि उन्होंने चुनाव में पेड न्यूज का सहारा लेकर मतदाताओं को गुमराह किया था। इस मुहिम में एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स एडीआर भी शामिल था। बताया कि मतदाताओं को यह जानने का हक है कि उसक पालिका या नगर पंचायत अध्यक्ष अथवा मेयर ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में प्रत्येक वर्ष कितना बजट किसी मद में खर्च किया है। एडीआर की मांग है कि सभी जनप्रतिधि चुनाव से पूर्व प्रत्येक वर्ष मिले बजट और विकास कार्य में खर्च हुए धन का विवरण मतदाताओं को दें। ऐसा न करने पर जागरूक मतदाता जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी ले। इस मौके पर प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य आलोक द्विवेदी, शशी शेखर दुबे, जिला संयोजक विनोद पटेल, रामसागर चतुर्वेदी मौजूद रहे।
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चित्रकूट। नगर निकाय व नगर पंचायत के चुनाव होने से पहले यूपी इलेक्शन वॉच ने मतदाता जागरुकता कार्यक्रम चलाया है। जिसमें मतदाताओं को बताया जा रहा है कि मांग पत्र बनाने के बाद प्रत्याशियों से इसकी लिखित सहमति लें । प्रत्याशियों के जीतने के बाद इसी मांग पत्र के आधार पर विकास कार्य करने का दबाव डालें। पिछले जीते दावेदारों से पांच साल के कामक ाज का विवरण भी मांगे। पेड न्यूज में विधायक की सदस्यता समाप्त करने का जो फैसला आया है उसके पीछे यूपी इलेक्शन वॉच का ही प्रयास है।
शहर के श्रंगार पैलेस में रविवार को यूपी इलेक्शन वॉच के प्रदेश समन्यवय अनिल शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि देश की यह पहली घटना है जब चुनाव आयोग ने एमपी के मंत्री नरोत्तम मिश्रा कि विधानसभा सदस्यता इसलिए रद्द कर दी कि उन्होंने चुनाव में पेड न्यूज का सहारा लेकर मतदाताओं को गुमराह किया था। इस मुहिम में एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स एडीआर भी शामिल था। बताया कि मतदाताओं को यह जानने का हक है कि उसक पालिका या नगर पंचायत अध्यक्ष अथवा मेयर ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में प्रत्येक वर्ष कितना बजट किसी मद में खर्च किया है। एडीआर की मांग है कि सभी जनप्रतिधि चुनाव से पूर्व प्रत्येक वर्ष मिले बजट और विकास कार्य में खर्च हुए धन का विवरण मतदाताओं को दें। ऐसा न करने पर जागरूक मतदाता जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी ले। इस मौके पर प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य आलोक द्विवेदी, शशी शेखर दुबे, जिला संयोजक विनोद पटेल, रामसागर चतुर्वेदी मौजूद रहे।
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