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बाढ़ पीड़ितों ने सड़कों के किनारे ही डेरा डाला, नहीं ले रहा कोई सुध
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मऊ के यमुना किनारे बसे गांव में बाढ आने के बाद चारपाई व अन्य सामग्री लेकर सुरक्षित स्थान जाते ग्र?
- फोटो : CHITRAKOOT
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राजापुर/मऊ(चित्रकूट)। राजापुर क्षेत्र में यमुना व पयस्वनी नदी में बाढ़ के कारण प्रभावित लोग सड़कों पर रात गुजारने के मजबूर हैं। बाढ़ घटने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कई मकान जमींदोज भी हो गए हैं। यातायात पूरी तरह से बंद है। ग्रामीणों का गांव से पलायन जारी है।
यमुना व पयस्वनी नदी का जलस्तर दो दिन बाद मंगलवार को स्थिर रहा। खतरे के निशान 93.20 मीटर से मात्र आधा मीटर ही दूर रह गई है। राजापुर व मऊ क्षेत्र के कई गांव की बिजली भी गुल हो गई है। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने नाव पर दोनों क्षेत्र के प्रभावित गांव व ग्रामीणों से मिलकर बातचीत की। राजापुर एसडीएम राजीव राय व मऊ एसडीएम नवदीप शुक्ला को राहत कार्य में कोई ढिलाई न करने के निर्देश दिए। दोनों क्षेत्र में छह राहत केंद्र खोले गए हैं। जिसमें एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीण हैं जिनके भोजन पानी का इंतजाम किया जा रहा है।
वही मऊ क्षेत्र में भी बाढ़ कई कच्चे मकान गिर गए है। कई गांवों का संपर्क आपस में कट गया। राजापुर क्षेत्र के प्रभावित गांव अर्की, सुरधुआ, कुसेली, खोंपा, बरूआ गांव के पास अधिक बाढ़ आने से कच्चे घरों में पानी घुसने लगा है। जिससे सड़कों के किनारे ही डेरा डाल कर ग्रामीण बैठने को मजबूर है। कई बाढ़ पीड़ितों को उच्च प्राथमिक विद्यालय में ठहराया गया है। यमुना नदी मे बाढ़ आने से सरधुवा बिजली का फीडर बंद कर दिया गया है। जिससे सरधुआ, अर्की, बिलास, चांदी, तीरधुमाई, गंगू, धौरहा, नैनी, गुरगौला, बिहरावा,बक्टा, देवारी ,सुरवल, हस्ता, खोपा, भदेहदू आदि गांव की बिजली की आपूर्ति बंद है।
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पक्के मकान बनाने की मांग किया
मऊ। बाढ़ पीड़ित गांव मवई कला गांव में कच्चे मकान गिर गये है। जिसमें गांव के भोला पासी, हुबलाल, मइयादीन, बबलू, रायदास, राजाराम, शिवदास, गुल्ल्ूा, रामदास, काली निषाद, सम्मरवा पासी ने बताया कि उनका कच्चा मकान बाढ़ के कारण गिर गये है। पक्के आवास बनाने के लिए धनराशि बांटी जाएगी।
मानिकपुर। क्षेत्र की बरदहा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। चमरौहा के पास रपटे के ऊपर पानी भर जाने से आवागमन बंद हो गया है। एक दर्जन गांव का संपर्क टूट गया है। गांव के निवासियों पर बाढ़ का खतरा मंडा रहा है। जिससे ग्रामीणों का विश्ववास टूट गया। ग्रामीण राजू कोल, मोहन लाल ने मांग किया है कि पुल का निर्माण किया जाये। वही बाढ़ प्रभावित गांवों में ऊॅचाडीह, मऊ, गुर्दरी, रानीपुर, गिदुरहा, आदि गांव के पास बरदहा नदी का पानी भर रहा है।
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यमुना व पयस्वनी नदी का जलस्तर दो दिन बाद मंगलवार को स्थिर रहा। खतरे के निशान 93.20 मीटर से मात्र आधा मीटर ही दूर रह गई है। राजापुर व मऊ क्षेत्र के कई गांव की बिजली भी गुल हो गई है। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने नाव पर दोनों क्षेत्र के प्रभावित गांव व ग्रामीणों से मिलकर बातचीत की। राजापुर एसडीएम राजीव राय व मऊ एसडीएम नवदीप शुक्ला को राहत कार्य में कोई ढिलाई न करने के निर्देश दिए। दोनों क्षेत्र में छह राहत केंद्र खोले गए हैं। जिसमें एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीण हैं जिनके भोजन पानी का इंतजाम किया जा रहा है।
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वही मऊ क्षेत्र में भी बाढ़ कई कच्चे मकान गिर गए है। कई गांवों का संपर्क आपस में कट गया। राजापुर क्षेत्र के प्रभावित गांव अर्की, सुरधुआ, कुसेली, खोंपा, बरूआ गांव के पास अधिक बाढ़ आने से कच्चे घरों में पानी घुसने लगा है। जिससे सड़कों के किनारे ही डेरा डाल कर ग्रामीण बैठने को मजबूर है। कई बाढ़ पीड़ितों को उच्च प्राथमिक विद्यालय में ठहराया गया है। यमुना नदी मे बाढ़ आने से सरधुवा बिजली का फीडर बंद कर दिया गया है। जिससे सरधुआ, अर्की, बिलास, चांदी, तीरधुमाई, गंगू, धौरहा, नैनी, गुरगौला, बिहरावा,बक्टा, देवारी ,सुरवल, हस्ता, खोपा, भदेहदू आदि गांव की बिजली की आपूर्ति बंद है।
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पक्के मकान बनाने की मांग किया
मऊ। बाढ़ पीड़ित गांव मवई कला गांव में कच्चे मकान गिर गये है। जिसमें गांव के भोला पासी, हुबलाल, मइयादीन, बबलू, रायदास, राजाराम, शिवदास, गुल्ल्ूा, रामदास, काली निषाद, सम्मरवा पासी ने बताया कि उनका कच्चा मकान बाढ़ के कारण गिर गये है। पक्के आवास बनाने के लिए धनराशि बांटी जाएगी।
मानिकपुर। क्षेत्र की बरदहा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। चमरौहा के पास रपटे के ऊपर पानी भर जाने से आवागमन बंद हो गया है। एक दर्जन गांव का संपर्क टूट गया है। गांव के निवासियों पर बाढ़ का खतरा मंडा रहा है। जिससे ग्रामीणों का विश्ववास टूट गया। ग्रामीण राजू कोल, मोहन लाल ने मांग किया है कि पुल का निर्माण किया जाये। वही बाढ़ प्रभावित गांवों में ऊॅचाडीह, मऊ, गुर्दरी, रानीपुर, गिदुरहा, आदि गांव के पास बरदहा नदी का पानी भर रहा है।

मानिकपुर के बरदहा नदी में बाढ़ के मध्य गुजरते ग्रामीण। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT

राजापुर में यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर यमुना पुल के बेहद करीब पहुंचा। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT