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अस्प्ताल गेट पर रात काट रहे तीमारदार
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चित्रकूट। कोविड अस्पताल खोह सहित जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं। तमीरदारों को जगह न मिलने पर अस्पताल गेट पर रात गुजारनी पड़ रही हैं। खाने पीने की भी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।
जिले के खोह गांव के पास स्थित जच्चा बच्चा अस्पताल में अधिकतर मरीज भर्ती है। इन अस्पतालों में कई मरीजों का इलाज चल रहा है। परिजन अस्पताल परिसर में ठीक होने का इंतजार करते रहते हैं। एक मरीज के परिवार के सदस्य ने बताया कि अपने मरीज की चिंता में तीन दिनों से जग रहा है।
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अस्पताल परिसर में ही फेंक देते हैं किट
कोविड अस्पताल परिसर के ही बाहर कोरोना मरीजों को देखने लिए पहने वाली किट को फेंक दिया जाता है। इसके अलावा अन्य उपकरण भी वहीं पर फेंक देते हैं। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल के अंदर शौचालय की पर्याप्त सफाई भी नहीं की जाती। वहां भी गंदगी पडी़ रहती है।
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एक ही स्ट्रेचर का हो रहा उपयोग
जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक है। जबकि उपकरण सीमित है। इस कारण मरीजों लाने-ले जाने के लिए एक ही स्ट्रेचर का उपयोग किया जा रहा है। समय से स्ट्रेचर उपलब्ध न होने से मरीजों को परिवार के सदस्य कंधे में ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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प्रभारी सीएमओ डा. इम्तियाज अहमद ने बताया कि में अस्पतालों रोजाना सफाई की जा रही है। खोह के कोविड अस्पताल को रोजाना सैनिटाइजेशन कराया जाता है। इसके साथ सफाई भी कराई जा रही है। जिला अस्पताल में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं है। टेलीमेडिसीन प्रणाली से भी घर बैठे सामान्य मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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जिले के खोह गांव के पास स्थित जच्चा बच्चा अस्पताल में अधिकतर मरीज भर्ती है। इन अस्पतालों में कई मरीजों का इलाज चल रहा है। परिजन अस्पताल परिसर में ठीक होने का इंतजार करते रहते हैं। एक मरीज के परिवार के सदस्य ने बताया कि अपने मरीज की चिंता में तीन दिनों से जग रहा है।
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अस्पताल परिसर में ही फेंक देते हैं किट
कोविड अस्पताल परिसर के ही बाहर कोरोना मरीजों को देखने लिए पहने वाली किट को फेंक दिया जाता है। इसके अलावा अन्य उपकरण भी वहीं पर फेंक देते हैं। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल के अंदर शौचालय की पर्याप्त सफाई भी नहीं की जाती। वहां भी गंदगी पडी़ रहती है।
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एक ही स्ट्रेचर का हो रहा उपयोग
जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक है। जबकि उपकरण सीमित है। इस कारण मरीजों लाने-ले जाने के लिए एक ही स्ट्रेचर का उपयोग किया जा रहा है। समय से स्ट्रेचर उपलब्ध न होने से मरीजों को परिवार के सदस्य कंधे में ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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प्रभारी सीएमओ डा. इम्तियाज अहमद ने बताया कि में अस्पतालों रोजाना सफाई की जा रही है। खोह के कोविड अस्पताल को रोजाना सैनिटाइजेशन कराया जाता है। इसके साथ सफाई भी कराई जा रही है। जिला अस्पताल में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं है। टेलीमेडिसीन प्रणाली से भी घर बैठे सामान्य मरीजों का इलाज किया जा रहा है।