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चित्रकूट: मंदाकिनी को पुनर्जीवित करने के लिए यूपी-एमपी के अधिकारी मिलकर करें काम
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चित्रकूट। जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में मंदाकिनी नदी के पुनर्जीवन के संबंध में यूपी व एमपी के अधिकारियों की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि मंदाकिनी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए दोनों तरफ के अधिकारी मिल जुल काम करें।
भूमि संरक्षण व वन विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि मंदाकिनी नदी से जुड़ने वाले सभी नालों पर रोक लगाई जाए। डीसी मनरेगा को निर्देश दिए कि जो भी कार्य मनरेगा द्वारा कराए गए हैं, उनकी गुणवत्ता की जांच अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड से कराएं।
बैठक में जिलाधिकारी ने भूमि संरक्षण अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदाकिनी नदी के पुनर्जीवित के जो कार्य अभी नहीं शुरू हुए हैं, वह कार्य तत्काल शुरू कराए जाएं। मंदाकिनी में वाटर ग्राउंड के जो कार्य कराए गए हैं, उसमें जल स्तर का आकलन कराएं की जल की बढ़ोतरी कितनी हुई है।
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प्रत्येक ब्लॉक में शासकीय जमीन चिन्हित कर दस इको पार्क व गणेश बाग के पास राम कथा पार्क का सुंदरीकरण कराया जाए। खंड विकास अधिकारियों से कहा कि जिन गांवों में कार्य चल रहे हैं, वहां संबंधित विभागों से श्रमिकों की व्यवस्था कराएं।
अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई से कहा कि नालों पर छोटे-छोटे चेकडैम का प्राक्कलन बनाकर मनरेगा कन्वर्जेंस से कार्य हों। अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड से कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रो शशिकांत त्रिपाठी से संपर्क कर योजना में काम करें।
कहा कि सभी विभाग मंदाकिनी नदी के पुनर्जीवित के अधूरे कार्य 15 दिन के अंदर पूर्ण करें। सीईओ मझगवां मप्र अशोक मिश्रा ने बताया कि ब्रह्म कुंड आश्रम के पास उद्गम स्थल से मनरेगा कन्वर्जेंस के अंतर्गत 636 कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें तालाब, नालों की खुदाई व छोटी नदियों पर कार्य कराए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने एमपी के अधिकारियों से कहा कि चितहरा के पास जो नहर की टेल आ रही है, उसका मूवमेंट मंदाकिनी से जोड़ें। बैठक में प्रशिक्षु आईएफएस विकास यादव, डीडीओ आरके त्रिपाठी, डीसी मनरेगा दयाराम यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड बीबी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई प्रखंड प्रथम आशुतोष कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी हिमांशु पांडेय, हरिराज सिंह, बाल गोविंद यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद कर्वी नरेंद्र मोहन मिश्र सहित एमपी के अधिकारी मौजूद रहे।
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भूमि संरक्षण व वन विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि मंदाकिनी नदी से जुड़ने वाले सभी नालों पर रोक लगाई जाए। डीसी मनरेगा को निर्देश दिए कि जो भी कार्य मनरेगा द्वारा कराए गए हैं, उनकी गुणवत्ता की जांच अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड से कराएं।
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बैठक में जिलाधिकारी ने भूमि संरक्षण अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदाकिनी नदी के पुनर्जीवित के जो कार्य अभी नहीं शुरू हुए हैं, वह कार्य तत्काल शुरू कराए जाएं। मंदाकिनी में वाटर ग्राउंड के जो कार्य कराए गए हैं, उसमें जल स्तर का आकलन कराएं की जल की बढ़ोतरी कितनी हुई है।
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प्रत्येक ब्लॉक में शासकीय जमीन चिन्हित कर दस इको पार्क व गणेश बाग के पास राम कथा पार्क का सुंदरीकरण कराया जाए। खंड विकास अधिकारियों से कहा कि जिन गांवों में कार्य चल रहे हैं, वहां संबंधित विभागों से श्रमिकों की व्यवस्था कराएं।
अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई से कहा कि नालों पर छोटे-छोटे चेकडैम का प्राक्कलन बनाकर मनरेगा कन्वर्जेंस से कार्य हों। अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड से कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रो शशिकांत त्रिपाठी से संपर्क कर योजना में काम करें।
कहा कि सभी विभाग मंदाकिनी नदी के पुनर्जीवित के अधूरे कार्य 15 दिन के अंदर पूर्ण करें। सीईओ मझगवां मप्र अशोक मिश्रा ने बताया कि ब्रह्म कुंड आश्रम के पास उद्गम स्थल से मनरेगा कन्वर्जेंस के अंतर्गत 636 कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें तालाब, नालों की खुदाई व छोटी नदियों पर कार्य कराए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने एमपी के अधिकारियों से कहा कि चितहरा के पास जो नहर की टेल आ रही है, उसका मूवमेंट मंदाकिनी से जोड़ें। बैठक में प्रशिक्षु आईएफएस विकास यादव, डीडीओ आरके त्रिपाठी, डीसी मनरेगा दयाराम यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड बीबी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई प्रखंड प्रथम आशुतोष कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी हिमांशु पांडेय, हरिराज सिंह, बाल गोविंद यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद कर्वी नरेंद्र मोहन मिश्र सहित एमपी के अधिकारी मौजूद रहे।