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Chitrakoot News: शरदोत्सव में झलकी भक्ति और संस्कृति की अनूठी छटा
Wed, 08 Oct 2025 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:23 AM IST
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फोटो 28 सीकेटीपी-1- परिचय- शरदोत्सव में संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार। संवाद
चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान एवं संस्कृति संचालनालय, मध्यप्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को आयोजित त्रिदिवसीय शरदोत्सव में पारंपरिक एवं समकालीन कलाओं की झलक ने दर्शकों का मन मोह लिया। श्रीराम के जीवन, शिव और हनुमान चरित्र पर आधारित गीतों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई।
भारत रत्न नानाजी देशमुख की 109वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्यजीवन दास, भगवत आराधना आश्रम के महंत गोविंददास, सती अनुसुइया आश्रम के महंत पवन बाबा और गायत्री शक्तिपीठ के संचालक डॉ. रामनारायण त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मंदाकिनी आरती से कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि शरद पूर्णिमा का दिन राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख और महर्षि वाल्मीकि जैसी विभूतियों की जयंती से विशेष बन जाता है।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत कृष्णा देवी वनवासी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने श्रीराम के जीवन पर आधारित नाटिका से की। सुरेंद्रपाल ग्रामोदय विद्यालय के पूर्व छात्रों ने शिव और हनुमान चरित्र गीत प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। भजन गायक पवन तिवारी (टीकमगढ़) ने इक बार जो रघुवर की नजरों का इशारा हो जाए...और मनोहर माधुरी जोड़ी हमारे श्याम-श्यामा की... जैसे भजनों से भक्ति का अद्भुत वातावरण बना दिया।
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संजय महाजन, बड़वाह (खरगोन) की 40 कलाकारों की टीम ने श्रीलीला महारास नाट्य का मंचन किया। नटेश्वर नृत्य संस्थान के कलाकारों ने कालिया मर्दन, गोवर्धन धारण, फूलों की होली और महारास की प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
इस मौके पर शरद पूर्णिमा की चांदनी में दर्शकों ने अमृतमयी खीर का प्रसाद ग्रहण किया। दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा जनसहयोग से वितरित की गई इस खीर के साथ श्रीरामराजा सरकार के छत्तीस गुणों व संकटमोचन चालीसा प्रदर्शनी का भी देखा।
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भारत रत्न नानाजी देशमुख की 109वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्यजीवन दास, भगवत आराधना आश्रम के महंत गोविंददास, सती अनुसुइया आश्रम के महंत पवन बाबा और गायत्री शक्तिपीठ के संचालक डॉ. रामनारायण त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मंदाकिनी आरती से कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि शरद पूर्णिमा का दिन राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख और महर्षि वाल्मीकि जैसी विभूतियों की जयंती से विशेष बन जाता है।
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सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत कृष्णा देवी वनवासी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने श्रीराम के जीवन पर आधारित नाटिका से की। सुरेंद्रपाल ग्रामोदय विद्यालय के पूर्व छात्रों ने शिव और हनुमान चरित्र गीत प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। भजन गायक पवन तिवारी (टीकमगढ़) ने इक बार जो रघुवर की नजरों का इशारा हो जाए...और मनोहर माधुरी जोड़ी हमारे श्याम-श्यामा की... जैसे भजनों से भक्ति का अद्भुत वातावरण बना दिया।
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संजय महाजन, बड़वाह (खरगोन) की 40 कलाकारों की टीम ने श्रीलीला महारास नाट्य का मंचन किया। नटेश्वर नृत्य संस्थान के कलाकारों ने कालिया मर्दन, गोवर्धन धारण, फूलों की होली और महारास की प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
इस मौके पर शरद पूर्णिमा की चांदनी में दर्शकों ने अमृतमयी खीर का प्रसाद ग्रहण किया। दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा जनसहयोग से वितरित की गई इस खीर के साथ श्रीरामराजा सरकार के छत्तीस गुणों व संकटमोचन चालीसा प्रदर्शनी का भी देखा।

फोटो 28 सीकेटीपी-1- परिचय- शरदोत्सव में संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार। संवाद