{"_id":"5fff35c18ebc3e32914559b0","slug":"uncontrolled-tractor-crushed-the-villager-chitrakutt-news-knp605649337","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनियंत्रित ट्रैक्टर ने ग्रामीण को कुचला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनियंत्रित ट्रैक्टर ने ग्रामीण को कुचला
विज्ञापन
मऊ(चित्रकूट)। थाना क्षेत्र के सिकरौं गांव में मिट्टी लदे अनियंत्रित ट्रैक्टर ने घर के बाहर बैठकर आग ताप रहे एक ग्रामीण को कुचल दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला।
सिकरौं गांव निवासी रामप्रसाद उर्फ खुन्नी (42) पुत्र ननकू उर्फ ननका बुधवार सुबह गांव के लालबहादुर के साथ घर के बाहर बैठकर आग ताप रहा था। इसी बीच गांव के बाहर से तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर के मोड़ के पास पहुंचते ही चालक नियंत्रण खो बैठा और आग ताप रहा राम प्रसाद ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
लालबहादुर ने भाग कर अपनी जान बचाई। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला। थाना प्रभारी गुलाब त्रिपाठी ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ट्रैक्टर को अपने कब्जे में लिया है।
विज्ञापन
थाना प्रभारी ने बताया कि अभी परिजनों ने किसी के खिलाफ तहरीर नहीं दी है। ग्रामीणों के अनुसार, ट्रैैक्टर और चालक गांव के ही हैं। भाई लाल उर्फ कोदूराम ने बताया कि खेती किसानी से ही उनके परिवार का भरण पोषण होता है। रामप्रसाद दो भाइयों में छोटा था।
विज्ञापन
सिकरौं गांव निवासी रामप्रसाद उर्फ खुन्नी (42) पुत्र ननकू उर्फ ननका बुधवार सुबह गांव के लालबहादुर के साथ घर के बाहर बैठकर आग ताप रहा था। इसी बीच गांव के बाहर से तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर के मोड़ के पास पहुंचते ही चालक नियंत्रण खो बैठा और आग ताप रहा राम प्रसाद ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
लालबहादुर ने भाग कर अपनी जान बचाई। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला। थाना प्रभारी गुलाब त्रिपाठी ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ट्रैक्टर को अपने कब्जे में लिया है।
विज्ञापन
थाना प्रभारी ने बताया कि अभी परिजनों ने किसी के खिलाफ तहरीर नहीं दी है। ग्रामीणों के अनुसार, ट्रैैक्टर और चालक गांव के ही हैं। भाई लाल उर्फ कोदूराम ने बताया कि खेती किसानी से ही उनके परिवार का भरण पोषण होता है। रामप्रसाद दो भाइयों में छोटा था।