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Chitrakoot News: बारिश से छत व दीवार गिरने पर दो की मौत, नाले में बहने से एक की मौत
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गोला सोनी
- फोटो : संवाद
चित्रकूट/मानिकपुर/पहाड़ी। जनपद में शुक्रवार की आधी रात से लगातार हुई बारिश से हर तरफ तबाही मची हुई है। कच्चे मकानों के लिए आफत सी आ गई है। बारिश से दो गांवों में कच्ची छत व दीवार गिरने से दो किसानों की मौत हो गई।
भरतकूप थाना क्षेत्र के रसिन के मजरा तमरार निवासी चुनबुद्दी ने बताया कि उसके पिता सदाशिव यादव (54) शुक्रवार की रात को दूसरे कच्चे घर में खाना खाने के बाद सोने चले गए थे। वहां मवेशी रहते हैं। आधी रात के बाद बारिश शुरु हुई जो सुबह तक रुकी ही नहीं। इसकी वजह से भोर करीब तीन बजे सोते समय पिता के ऊपर कच्ची छत गिर गई और वह दब गए। पड़ोसियों ने आवाज सुनी तो दौड़ कर गए। लोगों को बुलाकर मलबा हटाने लगे। करीब डेढ़ घंटे के बाद पिता को बाहर निकाला तब तक मौत हो चुकी थी। बताया कि मां बब्बू देवी, भाभी किसनिया व एक अन्य भाभी के साथ दूसरे मकान में सो रही थी। उसके तीन बेटा मुन्नीलाल, राजबहादुर, चुनबुद्दी, दो बेटी सरोधा व अरोधा हैं। सूचना पर सपा जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव, सदस्य जिला पंचायत मीरा भारती सहित अन्य लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
पहाड़ी थाना क्षेत्र के दुबारी गांव निवासी विपुल सोनी ने बताया कि उसके पिता किसान गोला सोनी (57) रात करीब 10 बजे घर से खाना खाकर डेरा स्थित घर में सोने गए थे। रात में हुई बारिश का पानी घर के चारों ओर भर गया था। इस कारण कच्ची दीवार गिर गई और पिता इसके नीचे दब गए। लोगों ने जब तक मलबा हटाकर बाहर निकाला तब तक उनकी मौत हो गई थी। उसके एक बेटा व दो बेटी विनीता, अनीता व पत्नी लीलावती हैं। मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों का हाल बेहाल हो गया। उसके भतीजा रामसेवक ने बताया कि बारिश का पानी आने से चाचा की दीवार गिर गई थी। इससे उसके घर में भी पानी भर गया और गृहस्थी का पूरा सामान बेकार हो गया। सदर एसडीएम पूजा साहू ने बताया कि मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से मुआवजा की धनराशि दी जाएगी।
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मानिकपुर थाना क्षेत्र के बेलहा गांव निवासी चुनकीवा देवी ने बताया कि हेला बांध से पानी निकलने के लिए बने नाला किनारे उसके पति राजकिशोर कोल (55) दोपहर करीब दो बजे पानी के बहाव को देख रहे थे। तभी अचानक पैर फिसल गया और वह बह गए। शोर मचाने पर कुछ लोग कूद कर गए और करीब 100 मीटर दूर पकड़ पाए हैं। पति को पानी से बाहर निकाला तब तक मौत हो चुकी थी। उसकी पत्नी प्राथमिक विद्यालय बेलहा में रसोईया हैं। उसके चार बेटे श्याम, लल्लू, जितेंद्र, छंगू हैं। सूचना पर एसडीएम मोहम्मद जसीम, तहसीलदार अखिलेश गुप्ता राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नाला से पार लाया। एसडीएम ने बताया कि किसान पानी के तेज बहाव की वजह से नाला में बह गया था। ग्रामीणों ने बाहर निकाल लिया था, लेकिन मौत हो गई थी।
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भरतकूप थाना क्षेत्र के रसिन के मजरा तमरार निवासी चुनबुद्दी ने बताया कि उसके पिता सदाशिव यादव (54) शुक्रवार की रात को दूसरे कच्चे घर में खाना खाने के बाद सोने चले गए थे। वहां मवेशी रहते हैं। आधी रात के बाद बारिश शुरु हुई जो सुबह तक रुकी ही नहीं। इसकी वजह से भोर करीब तीन बजे सोते समय पिता के ऊपर कच्ची छत गिर गई और वह दब गए। पड़ोसियों ने आवाज सुनी तो दौड़ कर गए। लोगों को बुलाकर मलबा हटाने लगे। करीब डेढ़ घंटे के बाद पिता को बाहर निकाला तब तक मौत हो चुकी थी। बताया कि मां बब्बू देवी, भाभी किसनिया व एक अन्य भाभी के साथ दूसरे मकान में सो रही थी। उसके तीन बेटा मुन्नीलाल, राजबहादुर, चुनबुद्दी, दो बेटी सरोधा व अरोधा हैं। सूचना पर सपा जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव, सदस्य जिला पंचायत मीरा भारती सहित अन्य लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
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पहाड़ी थाना क्षेत्र के दुबारी गांव निवासी विपुल सोनी ने बताया कि उसके पिता किसान गोला सोनी (57) रात करीब 10 बजे घर से खाना खाकर डेरा स्थित घर में सोने गए थे। रात में हुई बारिश का पानी घर के चारों ओर भर गया था। इस कारण कच्ची दीवार गिर गई और पिता इसके नीचे दब गए। लोगों ने जब तक मलबा हटाकर बाहर निकाला तब तक उनकी मौत हो गई थी। उसके एक बेटा व दो बेटी विनीता, अनीता व पत्नी लीलावती हैं। मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों का हाल बेहाल हो गया। उसके भतीजा रामसेवक ने बताया कि बारिश का पानी आने से चाचा की दीवार गिर गई थी। इससे उसके घर में भी पानी भर गया और गृहस्थी का पूरा सामान बेकार हो गया। सदर एसडीएम पूजा साहू ने बताया कि मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से मुआवजा की धनराशि दी जाएगी।
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मानिकपुर थाना क्षेत्र के बेलहा गांव निवासी चुनकीवा देवी ने बताया कि हेला बांध से पानी निकलने के लिए बने नाला किनारे उसके पति राजकिशोर कोल (55) दोपहर करीब दो बजे पानी के बहाव को देख रहे थे। तभी अचानक पैर फिसल गया और वह बह गए। शोर मचाने पर कुछ लोग कूद कर गए और करीब 100 मीटर दूर पकड़ पाए हैं। पति को पानी से बाहर निकाला तब तक मौत हो चुकी थी। उसकी पत्नी प्राथमिक विद्यालय बेलहा में रसोईया हैं। उसके चार बेटे श्याम, लल्लू, जितेंद्र, छंगू हैं। सूचना पर एसडीएम मोहम्मद जसीम, तहसीलदार अखिलेश गुप्ता राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नाला से पार लाया। एसडीएम ने बताया कि किसान पानी के तेज बहाव की वजह से नाला में बह गया था। ग्रामीणों ने बाहर निकाल लिया था, लेकिन मौत हो गई थी।