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चित्रकूट के इस गांव में नहीं है सड़क: किसी के बीमार होने पर चारपाई पर लिटाकर ले जाते हैं अस्पताल
Fri, 01 Oct 2021 03:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 01 Oct 2021 03:22 PM IST
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चारपाई पर लिटाकर बीमार युवक को ले जाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट के रामपुर मजरा के बेलरी गांव की एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में किसी के बीमार होने पर उसे चारपाई पर लिटाकर मुख्य सड़क तक खेतों से होकर लाया जाता है। गांव जाने वाली सड़क की हालत इतनी खराब है कि उसपर पैदल चलना भी दूभर है।
गांव वालों ने बताया अगर कोई बीमार होता है तो चारपाई में ले जाना पड़ता है। गांव में अस्पताल और रोड़ न होने पर किसी के बीमार होने पर बहुत समस्या का सामना करना पड़ता है। गांव की बस्ती से मुख्य सड़क तक आने के लिए लगभग 5 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।
2 किलोमीटर की दूरी पर दूसरा संपर्क मार्ग है जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में है। इस गांव में रोड न होने के कारण कुछ दिनों पहले एक गर्भवती महिला व सर्प दंश से एक बच्चे की मौत हो गई थी। रस्ता न होने पर एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती है।
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लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री, सांसद आरके सिंह पटेल, विधायक आनंद शुक्ला और जिले के सभी अधिकारियों से गांव में संपर्क मार्ग बनवाने की मांग की गई लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। प्रदेश के लोक निर्माण राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय इसी जिले के निवासी भी हैं। इसके बाद भी गांव बदहाल है।
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गांव वालों ने बताया अगर कोई बीमार होता है तो चारपाई में ले जाना पड़ता है। गांव में अस्पताल और रोड़ न होने पर किसी के बीमार होने पर बहुत समस्या का सामना करना पड़ता है। गांव की बस्ती से मुख्य सड़क तक आने के लिए लगभग 5 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।
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2 किलोमीटर की दूरी पर दूसरा संपर्क मार्ग है जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में है। इस गांव में रोड न होने के कारण कुछ दिनों पहले एक गर्भवती महिला व सर्प दंश से एक बच्चे की मौत हो गई थी। रस्ता न होने पर एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती है।
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लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री, सांसद आरके सिंह पटेल, विधायक आनंद शुक्ला और जिले के सभी अधिकारियों से गांव में संपर्क मार्ग बनवाने की मांग की गई लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। प्रदेश के लोक निर्माण राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय इसी जिले के निवासी भी हैं। इसके बाद भी गांव बदहाल है।