फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   The mountain had become dilapidated due to blasting

Chitrakoot News: ब्लास्टिंग से जर्जर हो चुका था पहाड़

Thu, 01 Aug 2024 02:05 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Aug 2024 02:05 AM IST
विज्ञापन
The mountain had become dilapidated due to blasting
चित्रकूट। भरतकूप के गोंडा पहाड़ पर खनन के दौरान पहाड़ का हिस्सा ढहने से दबकर पोकलैंड ऑपरेटर की मौत मामले की जांच करने खान सुरक्षा महानिदेशालय की टीम आई। टीम ने हादसा स्थल के अलावा आसपास जाकर निरीक्षण किया।
विज्ञापन

टीम ने पाया कि यह स्थान कमजोर हो गया था, लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। टीम ने गांव के कई लोगों के अलावा पीड़ित परिजनों से बातचीत की। खनन पट़्टाधारक के पेटी कांट्रेक्टर व वहां मौजूद अन्य मजदूरों के बयान लिये। पूछताछ के दौरान यह तो स्पष्ट रहा कि रात में खनन कराया जा रहा था और सुरक्षा के खास इंतजाम नहींं थे।
विज्ञापन

रविवार की सुबह लगभग चार बजे बजनीपुरवा के गोंडा पहाड़ पर पट्टाधारक अवधेश त्रिपाठी की खदान में पोकलैंड से खनन के दौरान पहाड़ का हिस्सा ढहने से पोकलैंड समेत ऑपरेटर अतर्रा के तेरा गांव निवासी राकेश निषाद की दबकर मौत हो गई थी। इस मामले में पट्टाधारक के भाई भाजपा नेता आनंद त्रिपाठी और अन्य के खिलाफ ऑपरेटर के पिता लालाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुधवार को वाराणसी के खान सुरक्षा महानिदेशालय की टीम पहाड़ के पास पहुंची। लगभग पांच घंटे तक पहाड़ व आसपास मौजूद मजदूरों से बातचीत की। टीम की प्रथम रिपोर्ट बातचीत के दौरान यही सामने आया कि पहाड़ का ढहने वाला हिस्से के नीचे पहले ही ब्लास्टिंग से कमजोर हो गया था। दो दिन बारिश से पानी पत्थरों से होता हुआ मिट़्टी में पहुंचा और धमक व पोकलैंड की ठोकर से कमजोर हिस्सा ढह गया। जिला खनिज अधिकारी सुधाकरन सिंह ने बताया कि खान सुरक्षा महानिदेशालय की टीम ने निरीक्षण किया है। मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed