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Chitrakoot News: ब्लास्टिंग से जर्जर हो चुका था पहाड़
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चित्रकूट। भरतकूप के गोंडा पहाड़ पर खनन के दौरान पहाड़ का हिस्सा ढहने से दबकर पोकलैंड ऑपरेटर की मौत मामले की जांच करने खान सुरक्षा महानिदेशालय की टीम आई। टीम ने हादसा स्थल के अलावा आसपास जाकर निरीक्षण किया।
टीम ने पाया कि यह स्थान कमजोर हो गया था, लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। टीम ने गांव के कई लोगों के अलावा पीड़ित परिजनों से बातचीत की। खनन पट़्टाधारक के पेटी कांट्रेक्टर व वहां मौजूद अन्य मजदूरों के बयान लिये। पूछताछ के दौरान यह तो स्पष्ट रहा कि रात में खनन कराया जा रहा था और सुरक्षा के खास इंतजाम नहींं थे।
रविवार की सुबह लगभग चार बजे बजनीपुरवा के गोंडा पहाड़ पर पट्टाधारक अवधेश त्रिपाठी की खदान में पोकलैंड से खनन के दौरान पहाड़ का हिस्सा ढहने से पोकलैंड समेत ऑपरेटर अतर्रा के तेरा गांव निवासी राकेश निषाद की दबकर मौत हो गई थी। इस मामले में पट्टाधारक के भाई भाजपा नेता आनंद त्रिपाठी और अन्य के खिलाफ ऑपरेटर के पिता लालाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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बुधवार को वाराणसी के खान सुरक्षा महानिदेशालय की टीम पहाड़ के पास पहुंची। लगभग पांच घंटे तक पहाड़ व आसपास मौजूद मजदूरों से बातचीत की। टीम की प्रथम रिपोर्ट बातचीत के दौरान यही सामने आया कि पहाड़ का ढहने वाला हिस्से के नीचे पहले ही ब्लास्टिंग से कमजोर हो गया था। दो दिन बारिश से पानी पत्थरों से होता हुआ मिट़्टी में पहुंचा और धमक व पोकलैंड की ठोकर से कमजोर हिस्सा ढह गया। जिला खनिज अधिकारी सुधाकरन सिंह ने बताया कि खान सुरक्षा महानिदेशालय की टीम ने निरीक्षण किया है। मामले की जांच चल रही है।
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टीम ने पाया कि यह स्थान कमजोर हो गया था, लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। टीम ने गांव के कई लोगों के अलावा पीड़ित परिजनों से बातचीत की। खनन पट़्टाधारक के पेटी कांट्रेक्टर व वहां मौजूद अन्य मजदूरों के बयान लिये। पूछताछ के दौरान यह तो स्पष्ट रहा कि रात में खनन कराया जा रहा था और सुरक्षा के खास इंतजाम नहींं थे।
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रविवार की सुबह लगभग चार बजे बजनीपुरवा के गोंडा पहाड़ पर पट्टाधारक अवधेश त्रिपाठी की खदान में पोकलैंड से खनन के दौरान पहाड़ का हिस्सा ढहने से पोकलैंड समेत ऑपरेटर अतर्रा के तेरा गांव निवासी राकेश निषाद की दबकर मौत हो गई थी। इस मामले में पट्टाधारक के भाई भाजपा नेता आनंद त्रिपाठी और अन्य के खिलाफ ऑपरेटर के पिता लालाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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बुधवार को वाराणसी के खान सुरक्षा महानिदेशालय की टीम पहाड़ के पास पहुंची। लगभग पांच घंटे तक पहाड़ व आसपास मौजूद मजदूरों से बातचीत की। टीम की प्रथम रिपोर्ट बातचीत के दौरान यही सामने आया कि पहाड़ का ढहने वाला हिस्से के नीचे पहले ही ब्लास्टिंग से कमजोर हो गया था। दो दिन बारिश से पानी पत्थरों से होता हुआ मिट़्टी में पहुंचा और धमक व पोकलैंड की ठोकर से कमजोर हिस्सा ढह गया। जिला खनिज अधिकारी सुधाकरन सिंह ने बताया कि खान सुरक्षा महानिदेशालय की टीम ने निरीक्षण किया है। मामले की जांच चल रही है।