फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   The leopard was coming to drink water after hunting

शिकार के बाद पानी पीने आ रहा था तेंदुआ

Tue, 07 Jan 2020 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jan 2020 11:42 PM IST
विज्ञापन
The leopard was coming to drink water after hunting
फोटो- 2- मारकुंडी टिकरिया रेल मार्ग पर ट्रेन की चपेट में आने से मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम करते डाक् - फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट/मानिकपुर। मुंबई हावड़ा रेल मार्ग के टिकरिया मारकुंडी रेल ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आए तेंदुए की मौत के बाद चार डाक्टरों की टीम ने मंगलवार को पोस्टमार्टम किया। जिसमें सिर पर गहरी चोट लगने से मौत की पुष्टि डाक्टरों ने की है। उसके पेट में सुअर का बाल मिला है। जिससे यह भी स्पष्ट हुआ कि मौत के कुछ देर पहले ही उसने सुअर का शिकार किया था इसके बाद पटरी पार कर रानीपुर वन्यजीव विहार क्षेत्र के तालाब में पानी पीने आ रहा था। पूरे मामले वन विभाग ने विभागीय रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरु की है।
विज्ञापन

रविवार की देर रात को मारकुं डी वन रेंज के मुंबई हावड़ा रेल ट्रैक पर एक तेंदुआ आ गया। इसी बीच मानिकपुर की ओर जा रही ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। सोमवार को वन विभाग के डीएफओ कैलाश प्रकाश समेत रानीपुर वन्यजीव विहार क्षेत्र के रेंजर त्रिवेणी प्रसाद पूरी टीम के साथ पहुंचे। मंगलवार की सुबह मारकुंडी वन रेंज में चार डॉक्टरों की टीम ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया। चिड़ियाघर कानपुर के डा.आरके सिंह,चित्रकूट के भरत सक्सेना, गौरव वर्मा समेत कुल चार डाक्टरों ने पोस्टमार्टम करने के बाद बताया कि भारी चीज के सिर से टकराने पर तेदुए की मौत हुई है। उसके पेट में सुअर के बाल मिलने से इस बात को बल मिला है कि उसने कुछ देर पहले शिकार किया था और पानी पीने के लिए अब जा रहा था। इसके बाद उसके शव को अधिकारियों की देखरेख में जला दिया गया है।
विज्ञापन

विसरा रिजर्व कई अंग जांच को भेजे
चित्रकूट। लगभग ढाई घंटे तक तेंदुए का पोस्टमार्टम किया गया। डाक्टरों ने कई सैंपुल लिए हैं। उसका विसरा रिजर्व किया गया है। फिलहाल कहीं से किसी शिकार आदि की संभावना नहीं है। विसरा व कुछ अंग को जांच के लिए बरेली की लैब भेजा गया है। पोस्टमार्टम के दौरान तेंदुए के दांत व सिर के कुछ हिस्से नहीं मिले हैं। मंगलवार को भी वन विभाग के अधिकारियों ने डॉक्टरों के साथ घटनास्थल जाकर महत्वपूर्ण चीजें एकत्र की हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चित्रकूट। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि इस संबध में किसी तरह की कोई साजिश सामने नहीं आई है। इसके बावजूद विभागीय एफआईआर दर्ज कराकर जांच शुरु की गई है। इसे वन विभाग में एच-टू केश वन्य जीव अधिनियम कहते हैं। इसकी जांच शुरु हो चुकी है। रानीपुर वन्य जीव विहार के प्रतिपालक जीडी मिश्रा व रेंजर त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि इस क्षेत्र में आमतौर पर रेलवे ट्रैक के पास विभिन्न प्रजाति के जानवर रहते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए रेल विभाग से ट्रेनों को कॉशन पर ही चलाने की मांग की जाएगी।

मानिकपुर। इस क्षेत्र के रानीपुर वन्यजीव विहार क्षेत्र में जानवरों की संख्या अच्छी खासी है। यहां कई स्थानों से विभगीय अधिकारियों ने लाकर तेंदुए छोडे हैं। कई बार सीमावर्ती पन्ना टाईगर रिजर्व से भी बाघ बाघिन यहां आ जाते हैं। इसी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक से प्रतिदिन सैकड़ो ट्रेनें गुजरतीं हैं जिसकी चपेट में अक्सर जानवर आते हैं। ऐसे में कई बार वन विभाग ने इस मार्ग के दोनों ओर तारबाड लगवाने की मांग रेलवे से की लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed