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जमीन गई,घर ढहा,मुआवजे में भी छल
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 21 Sep 2016 11:37 PM IST
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चेक लिए खड़ा किसान पन्ना लाल
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के रामनगर ब्लाक के रगौली गांव निवासी पन्ना लाल व उसकी पत्नी गुड़िया उर्फ मायादेवी ने बुधवार को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भेजे पत्र में कहा कि सरकार से मिली पट्टे की जमीन पर वह खेती कर छह बच्चों का पेट पालता था।
लेकिन गांव के कुछ लोगों ने जबरन उस जमीन पर कब्जा कर लिया है। जिसके खिलाफ कई बार अधिकारियों व तहसील दिवस मेें पत्र दिए। आश्वासन देने बाद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी दौरान तेज बारिश में उसके कच्चे घर का एक चौथाई हिस्सा गिर गया।
लेखपाल रामप्रकाश ने प्रधान के साथ घर का मुआयना किया। जिससे 3200 रुपये का चेक जारी हुआ। लेकिन चेक मेें न तो कोई हस्ताक्षर है न तो कोई मुहर है। यह चेक लेखपाल उसकी पुत्री पूजा को पिछले महीने दे गया था। अनपढ़ होने के कारण वह कुछ जान नहीं सका।
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लगातार बैंक व लेखपाल के पास चक्कर काटने पर भी चेक का भुगतान नहीं हुआ। उसका पुत्र कृष्ण कुमार पिछले चार महीने से बीमार है। जिला अस्पताल में दिखाने पर इलाहाबाद के लिए रेफर किया गया है। जिसके इलाज के लिए धनराशि नहीं है। कोई भी प्रशासनिक कार्रवाई व आर्थिक मदद न मिलने से वह पत्नी सहित आत्महत्या की अनुमति चाहता है।
बोली जिम्मेदार
किसान की शिकायत को संबंधित अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया है। यह चिंता का विषय है। इस मामले में संबंधित तहसीलदार व लेखपाल से पूछताछ की जाएगी। जल्द ही किसान की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
मोनिका रानी
जिलाधिकारी
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लेकिन गांव के कुछ लोगों ने जबरन उस जमीन पर कब्जा कर लिया है। जिसके खिलाफ कई बार अधिकारियों व तहसील दिवस मेें पत्र दिए। आश्वासन देने बाद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी दौरान तेज बारिश में उसके कच्चे घर का एक चौथाई हिस्सा गिर गया।
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लेखपाल रामप्रकाश ने प्रधान के साथ घर का मुआयना किया। जिससे 3200 रुपये का चेक जारी हुआ। लेकिन चेक मेें न तो कोई हस्ताक्षर है न तो कोई मुहर है। यह चेक लेखपाल उसकी पुत्री पूजा को पिछले महीने दे गया था। अनपढ़ होने के कारण वह कुछ जान नहीं सका।
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लगातार बैंक व लेखपाल के पास चक्कर काटने पर भी चेक का भुगतान नहीं हुआ। उसका पुत्र कृष्ण कुमार पिछले चार महीने से बीमार है। जिला अस्पताल में दिखाने पर इलाहाबाद के लिए रेफर किया गया है। जिसके इलाज के लिए धनराशि नहीं है। कोई भी प्रशासनिक कार्रवाई व आर्थिक मदद न मिलने से वह पत्नी सहित आत्महत्या की अनुमति चाहता है।
बोली जिम्मेदार
किसान की शिकायत को संबंधित अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया है। यह चिंता का विषय है। इस मामले में संबंधित तहसीलदार व लेखपाल से पूछताछ की जाएगी। जल्द ही किसान की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
मोनिका रानी
जिलाधिकारी