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बाइक और महंगे मोबाइल के शौक ने बनाया कातिल
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हत्यारोपी नाती राहुल कई दिनों से अपने घर में महंगा मोबाइल और बाइक लेने की इच्छा जता रहा था। उसके पिता फूलचंद्र ने आश्वासन दिया था कि कुछ महीने बाद खरीद देंगे। इसी बीच राहुल को जानकारी मिली कि बाबा ने कुछ जमीन बेची है और उनके पास रुपये रखे हैं।
वह रुपये उड़ाने की फिराक में दो दिन पहले गांव से शोभासिंह का पुरवा आया। बाबा के पास ही रुकने की बात परिजनों से कही थी। मंगलवार को दादी मिथिलेश शुक्ला रामनगर दवा लेने चलीं गई तो उसे मौका मिल गया। बाबा की हत्या कर लगभग 50 हजार रुपये चुरा भी लिए। उसने रुपये घर के बाहर सुनसान स्थान पर छिपा दिए, लेकिन चाचा के पुलिस के सामने आकर बयान देने से उसके मंसूबों पर पानी फिर गया।
बाबा की हत्या कर चाचा को फंसाने की राहुल की साजिश ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई। राहुल के आरोप लगाने के बाद पुलिस रात में ही उसके चाचा बसंतलाल की तलाश करने लगी। इससे बसंतलाल परेशान हो गया।
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बुधवार की सुबह वह खुद कोतवाली पहुंच गया। हत्यारोपी को कोतवाली में देख पुलिस हैरान थी। बसंतलाल ने बताया कि उसने न तो पिता की हत्या की है और न ही रुपये लिए हैं। बताया कि वह पत्नी के साथ ससुराल गया था।
परिचित ने फोनकर उसे पिता की हत्या की जानकारी दी। इस पर पुलिस की जांच की दिशा ही बदल गई। पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने बताया कि कड़ाई से राहुल से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने माना की रुपयों की लालच में बाबा की हत्या की है। उसने चाचा को फंसाने की साजिश रची थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने छिपाए गए रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
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वह रुपये उड़ाने की फिराक में दो दिन पहले गांव से शोभासिंह का पुरवा आया। बाबा के पास ही रुकने की बात परिजनों से कही थी। मंगलवार को दादी मिथिलेश शुक्ला रामनगर दवा लेने चलीं गई तो उसे मौका मिल गया। बाबा की हत्या कर लगभग 50 हजार रुपये चुरा भी लिए। उसने रुपये घर के बाहर सुनसान स्थान पर छिपा दिए, लेकिन चाचा के पुलिस के सामने आकर बयान देने से उसके मंसूबों पर पानी फिर गया।
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बाबा की हत्या कर चाचा को फंसाने की राहुल की साजिश ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई। राहुल के आरोप लगाने के बाद पुलिस रात में ही उसके चाचा बसंतलाल की तलाश करने लगी। इससे बसंतलाल परेशान हो गया।
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बुधवार की सुबह वह खुद कोतवाली पहुंच गया। हत्यारोपी को कोतवाली में देख पुलिस हैरान थी। बसंतलाल ने बताया कि उसने न तो पिता की हत्या की है और न ही रुपये लिए हैं। बताया कि वह पत्नी के साथ ससुराल गया था।
परिचित ने फोनकर उसे पिता की हत्या की जानकारी दी। इस पर पुलिस की जांच की दिशा ही बदल गई। पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने बताया कि कड़ाई से राहुल से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने माना की रुपयों की लालच में बाबा की हत्या की है। उसने चाचा को फंसाने की साजिश रची थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने छिपाए गए रुपये भी बरामद कर लिए हैं।