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बालिका की मौत, शव कंधे में लेकर गांव को निकली मां

Sun, 06 Nov 2016 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 06 Nov 2016 11:59 PM IST
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The death of the girl, the village belonged to the mother body shoulder
जिला अस्पताल में मृत बालिका को गोद में लिए खड़ी मां। - फोटो : amar ujala
 स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता का एक और उदाहरण रविवार की शाम को देखने को मिला। जब जिला अस्पताल में बीमार बेटी का इलाज कराने आए मां-बाप को पहले डाक्टर नहीं मिले और फिर उसकी मौत के बाद एंबुलेंस न मिलने पर मां शव को कंधे में रखकर पैदल ही गांव की ओर जाने लगी। अस्पताल के बाहर भीड़ लगते ही सतर्क हुए जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल शव वाहन से मृतका व उसके परिजनों को गांव भिजवाया।
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 जानकारी के अनुसार राजापुर तहसील क्षेत्र के चनहट निवासी राम नारायण की सात वर्षीय पुत्री रोशनी को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजनों के अनुसार चार दिनों तक राजापुर पीएससी में उसका इलाज कराया गया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद रविवार की दोपहर को बीमार पुत्री को लेकर मुख्यालय के शंकर बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया।
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रामनारायण ने बताया कि वह किसी तरह जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां कोई स्टाफ नहीं मिला। लगभग एक घंटे बाद डाक्टर आए तो उन्होंने बताया कि बालिका की मौत हो चुकी है। इतना सुनते ही दंपति वहीं दहाड़े मारकर रोने लगा।  रामनारायण ने बताया कि जब गांव तक शव ले जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो अस्पताल से एंबुलेंस की मांग की लेकिन किसी ने नहीं सुना।
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अंत में उसकी मां मृत पुत्री को कंधे में लेकर पैदल ही अस्पताल से चली। इसकी जानकारी होते ही अस्पताल गेट के पास भीड़ लग गई। बिलखते दंपति मृत पुत्री को लेकर लगभग आधा किमी तक पैदल ही जा रहे थे। तभी इसकी सूचना जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एनके गुप्ता को मिली तो उन्होंने एक कर्मचारी को भेजकर दंपति को वापस जिला अस्पताल बुलाया। इसके बाद शव वाहन से उन्हें गांव भेजा गया।



सीएमएस ने बताया कि इलाज के अभाव में बालिका की मौत नहीं हुई है। ड्यूटी में मौजूद डा. बीपी इटैलिया ने बताया है कि जब दंपति बालिका को अस्पताल ला रहे थे तभी उसकी मौत रास्ते में हो चुकी थी। निजी अस्पताल वालों ने बालिका की मौत के बाद ही उन्हें जिला अस्पताल जाने को कहा है। एंबुलेंस न मिलने के बारे में बताया कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। जब सूचना मिली तो दंपति को बुलाकर शव वाहन उपलब्ध कराया गया है।
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