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Chitrakoot News: डेरे के ही बच्चे ने ही खोला हत्या का राज

Tue, 26 Nov 2024 11:08 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2024 11:08 PM IST
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The child of the camp itself revealed the secret of the murder
चित्रकूट। सदर कोतवाली के बनवरीपुर मार्ग पर ही बंजारा समुदाय के दो डेरे हैं। इसमें लगभग 20 लोग रहते हैं। वारदात के दिन से छह पुरुष गायब थे, लेकिन पुलिस को पता नहीं था। पुलिस ने सादी वर्दी में डेरे के पास जांच पड़ताल की। आरोपियों के ही परिवार के सात साल के बच्चे ने सारा राज खोल दिया। बताते हैं कि शनिवार को वह व्यापारी के घर खाना मांगने गया।
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बच्चे ने बताया कि वह और उसके परिजन अक्सर व्यापारी के घर जाते थे। खाना भी ले जाते थे। उसने ही डेरे के छह लोगों के नाम लेकर बताया कि दिन ये लोग गए थे। दरवाजा ऊंचा होने से वह अंदर नहीं जा पाया था। उसने लूट और हत्या की बात बताई तो पुलिस ने उसे परिजनों के साथ मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत कर जांच पड़ताल कराई। इससे यह खुलासा हो पाया।
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पहले लूट को नकारा, अब डकैती की धारा लगाई
घटना में पुलिस और व्यापारी के बयानों में विरोधाभास रहा। पुलिस ने लूट की बात नकारी, लेकिन व्यापारी ने कहा कि लगभग 15 लाख की लूट हुई है। एफआईआर में लूट दर्ज न कराने पर व्यापारी ने कहा कि पुलिस ने बाद में विवेचना में शामिल करने की बात कही है। पुलिस का कहना था कि व्यापारी ने खुद लूट की बात पुलिस को नहीं बताई थी। अब लूट व डकैती का खुलासा होने पर सभी आरोपियों पर डकैती की धारा लगाई गई है।
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अमर उजाला की खबर की पुष्टि
इस मामले में अमर उजाला ने 23 व 26 नवंबर के अंक में यह आशंका जाहिर की थी कि आरोपी बंजारा समुदाय व कौशांबी जिले के ही हैं। इनकी पुलिस तलाश कर रही है। कुछ को पकड़कर पूछताछ कर रही है। मंगलवार को सभी छह डकैतों के जो नाम सामने आये वह सब कौशांबी जिले व बंजारा समुदाय के ही हैं।


सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
इस घटना को लेकर पुलिस कई बार परिजनों पर शक करती रही। यहां तक किशोरी की मां व उसके भाई से भी पूछताछ की गई। मोबाइल कॉल खंगाली गई। रिपोर्ट में 50 मोबाइलों की जो रिपोर्ट आई उसमें पकड़े गये आरोपियों के भी नंबर हैं। इस खुलासे के बाद यह तो तय हो गया कि हत्या में परिजनों का कोई रोल नहीं है। यह जरूर रहा कि घर आने जाने वालों ने ही हत्या की है। किशोरी की मां मीनू व पिता शिवनरेश ने सभी हत्यारोपियों को जल्द जेल भेजने की मांग की है।


बंजारों के घर आने-जाने की बात नहीं बता रहे थे परिजन
घटना के खुलासे में पुलिस को 12 दिन लग गए। जांच में लगी छह पुलिस टीमों ने 38 लोगों से पूछताछ की। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि व्यापारी व परिजन बार-बार बयान बदल रहे थे। बंजारों के घर आने-जाने की बात परिजन नहीं बता रहे थे। सीसीटीवी फुटेज से इसकी जानकारी हुई। अब परिजन भी स्वीकार कर रहे हैं कि इनका आना-जाना किसी भी समय घर के अंदर तक होता था। खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने 20 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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