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बंद पड़ी नहर व माइनरें, कैसे हो सिंचाई
चित्रकूट
Updated Wed, 02 Nov 2016 11:39 PM IST
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राजापुर पंप कैनाल की बंद पड़ी नहर
- फोटो : अमर उजाला
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रबी की फसल की बुआई की तैयारी करने वाले किसान राजापुर पंप कैनाल की सफाई न होने से परेशान हैं। उनको चिंता सता रही है कि एक सप्ताह बाद मुख्य पंप कैनाल व माइनरों में जलापूर्ति न हुई तो खेतों में गेहूं बोने के लिए पलेवा नहीं हो पाएगा। फिलहाल पंप कैनाल ही बंद पडा है। नहरों की सफाई न होने पर किसानों ने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
किसान संतोष यादव, राजा मिश्रा, देवगुलाम, साधू यादव, गरीब दास, वीरेंद्र नाथ पांडेय, लाल बाबू सिंह व सर्वेश सिंह आदि ने बताया कि राजपुर पंप कैनाल से ही कई माइनरें निकली हैं। इससे पश्चिम भाग क्षेत्र के चिल्लीमल, बेराउर, रामपुर, कुसैली, भटरी गांव व दक्षिण भाग में मझगांव, खटवारा, चनहट,नादिन कुर्मियान गांवाें के खेतों की सिंचाई होती है। रबी की फसल की बुआई की एक सप्ताह बाद शुरूआत हो जाएगी। लेकिन नहर में इस समय जगह-जगह कूडे़ के ढेर सहित झार झंखाड़ फैला है। कई स्थानों में अगल बगल मिट्टी धंस गई है। माइनरें भी बदहाल हैं। इससे पानी छोड़ने के बाद टेल तक नहीं पहुंच पाएगा। किसानों का कहना है कि जब खेतों की सिंचाई का समय आता है तो अधिकारी बहानेबाजी करते हैं। इस बार समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो सिंचाई विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
पंप कैनाल चालू कराने और गंदी माइनरों की सफाई कराने की मांग किसानों ने बुधवार को कैनाल जाकर आपरेटर से की। लघु डाल नहर के आपरेटर विजय कुमार ने अपने ही विभाग के अधिकारियों की मनमानी का रोना रोया। बताया कि कई बार नट बोल्ट, पाइप व अन्य सामग्री की मांग की जा चुकी है लेकिन कोई सामग्री नहीं मिली। इससे पंप कैनाल को चालू करने में अड़चन आ रही है।
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किसान संतोष यादव, राजा मिश्रा, देवगुलाम, साधू यादव, गरीब दास, वीरेंद्र नाथ पांडेय, लाल बाबू सिंह व सर्वेश सिंह आदि ने बताया कि राजपुर पंप कैनाल से ही कई माइनरें निकली हैं। इससे पश्चिम भाग क्षेत्र के चिल्लीमल, बेराउर, रामपुर, कुसैली, भटरी गांव व दक्षिण भाग में मझगांव, खटवारा, चनहट,नादिन कुर्मियान गांवाें के खेतों की सिंचाई होती है। रबी की फसल की बुआई की एक सप्ताह बाद शुरूआत हो जाएगी। लेकिन नहर में इस समय जगह-जगह कूडे़ के ढेर सहित झार झंखाड़ फैला है। कई स्थानों में अगल बगल मिट्टी धंस गई है। माइनरें भी बदहाल हैं। इससे पानी छोड़ने के बाद टेल तक नहीं पहुंच पाएगा। किसानों का कहना है कि जब खेतों की सिंचाई का समय आता है तो अधिकारी बहानेबाजी करते हैं। इस बार समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो सिंचाई विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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पंप कैनाल चालू कराने और गंदी माइनरों की सफाई कराने की मांग किसानों ने बुधवार को कैनाल जाकर आपरेटर से की। लघु डाल नहर के आपरेटर विजय कुमार ने अपने ही विभाग के अधिकारियों की मनमानी का रोना रोया। बताया कि कई बार नट बोल्ट, पाइप व अन्य सामग्री की मांग की जा चुकी है लेकिन कोई सामग्री नहीं मिली। इससे पंप कैनाल को चालू करने में अड़चन आ रही है।
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