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रिटायर्ड फौजी के पुत्र का शव जंगल में मिला
चित्रकूट
Updated Wed, 19 Oct 2016 09:54 PM IST
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गिरधार बाबा के पास जंगल मेें मिले शव के कंकाल को समेटती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
दो माह पूर्व अगवा किए गए रिटायर्ड फौजी के बेटे का शव मुख्यालय से 12 किमी दूर जंगल में मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक के परिजनों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर नामजद आरोपियों के गिरफ्तार न होने पर सामूहिक आत्मदाह करने की धमकी दी। इस पर पुलिस अधिकारी सकते में आ गए। एसपी ने पहाड़ी थानाध्यक्ष सहित आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर परिजन वापस लौटे। इसके बाद एसएसपी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पहाड़ी थाना क्षेत्र के कुचारम निवासी रिटायर्ड फौजी जुगुल किशोर पांडेय का पुत्र राजीव उर्फ राजू पांडेय (23) का 20 अगस्त को मुख्यालय के बेडीपुलिया के पास से अपहरण हो गया था। जिसकी जानकारी होने पर पिता ने 21 अगस्त को आठ लोगों के खिलाफ पहाड़ी थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब से लेकर अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला। बुधवार को पिता को देवांगना के पास गिरधार बाबा जंगल में पुत्र का शव पड़ा होने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचनें पर मृतक के शरीर पर सिर्फ हड्डियां बची थी।
कपड़ों से उसकी शिनाख्त की गई। इसकी जानकारी होते ही पूरे परिवार में हड़कंप मच गया। माता-पिता पत्नी समेत पूरा परिवार एसपी कार्यालय कालूपुर पहुंचा और सामूहिक आत्मदाह करने की घोषणा की। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि पहाड़ी थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी समेत कई पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध है। दो माह से वह अपहृत पुत्र के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिस कारण उसके पुत्र की हत्या कर दी गई।
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नवांगतुक एसपी दिनेश पाल सिंह ने सीओ सिटी राजेश तिवारी व पहाड़ी थानाध्यक्ष को मौके पर बुलाकर पूरी घटना की जानकारी ली। पीड़ित परिजनों की मांग पर तत्काल पहाड़ी थानाध्यक्ष की भूमिका की जांच कर तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश सीओ को दिए। इसके अलावा अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने को कहा। इसके बाद रोते बिलखते परिजन लौट गए। उधर, एसपी घटना स्थल पहुंचे जहां शव में सिर्फ कंकाल मिला। उन्होंने बताया कि युवक की हत्या कर शव पत्थरों से दबाकर रखा गया था। संभावना है कि अपहरण के कुछ दिन बाद ही उसकी हत्याकर शव फेंका गया है। हत्या के पीछे चुनावी रंजिश बताई जा रही है। आरोपियों में एक कुचारम गांव का प्रधान व उसका भतीजा है। दो मृतक के साथी हैं।
पुलिस सभी बिंदुओं पर गहन छानबीन कर रही है। एसपी दिनेश पाल सिंह ने कहा कि जंगल में मिले शव की शिनाख्त मृतक के परिजनों ने कपड़ों के आधार पर की है। पुलिस अभी पूरी तरह राजू पंाडेय का शव होने की पुष्टि नहीं कर पा रही। शव के रूप में सिर्फ कंकाल मिलने से पोस्टमार्टम के बाद उसकी डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसके बाद ही पुष्टि हो सकेगी। इस दौरान थानाध्यक्ष की भूमिका के अलावा अन्य नामजदों के खिलाफ जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।
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पहाड़ी थाना क्षेत्र के कुचारम निवासी रिटायर्ड फौजी जुगुल किशोर पांडेय का पुत्र राजीव उर्फ राजू पांडेय (23) का 20 अगस्त को मुख्यालय के बेडीपुलिया के पास से अपहरण हो गया था। जिसकी जानकारी होने पर पिता ने 21 अगस्त को आठ लोगों के खिलाफ पहाड़ी थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब से लेकर अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला। बुधवार को पिता को देवांगना के पास गिरधार बाबा जंगल में पुत्र का शव पड़ा होने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचनें पर मृतक के शरीर पर सिर्फ हड्डियां बची थी।
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कपड़ों से उसकी शिनाख्त की गई। इसकी जानकारी होते ही पूरे परिवार में हड़कंप मच गया। माता-पिता पत्नी समेत पूरा परिवार एसपी कार्यालय कालूपुर पहुंचा और सामूहिक आत्मदाह करने की घोषणा की। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि पहाड़ी थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी समेत कई पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध है। दो माह से वह अपहृत पुत्र के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिस कारण उसके पुत्र की हत्या कर दी गई।
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नवांगतुक एसपी दिनेश पाल सिंह ने सीओ सिटी राजेश तिवारी व पहाड़ी थानाध्यक्ष को मौके पर बुलाकर पूरी घटना की जानकारी ली। पीड़ित परिजनों की मांग पर तत्काल पहाड़ी थानाध्यक्ष की भूमिका की जांच कर तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश सीओ को दिए। इसके अलावा अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने को कहा। इसके बाद रोते बिलखते परिजन लौट गए। उधर, एसपी घटना स्थल पहुंचे जहां शव में सिर्फ कंकाल मिला। उन्होंने बताया कि युवक की हत्या कर शव पत्थरों से दबाकर रखा गया था। संभावना है कि अपहरण के कुछ दिन बाद ही उसकी हत्याकर शव फेंका गया है। हत्या के पीछे चुनावी रंजिश बताई जा रही है। आरोपियों में एक कुचारम गांव का प्रधान व उसका भतीजा है। दो मृतक के साथी हैं।
पुलिस सभी बिंदुओं पर गहन छानबीन कर रही है। एसपी दिनेश पाल सिंह ने कहा कि जंगल में मिले शव की शिनाख्त मृतक के परिजनों ने कपड़ों के आधार पर की है। पुलिस अभी पूरी तरह राजू पंाडेय का शव होने की पुष्टि नहीं कर पा रही। शव के रूप में सिर्फ कंकाल मिलने से पोस्टमार्टम के बाद उसकी डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसके बाद ही पुष्टि हो सकेगी। इस दौरान थानाध्यक्ष की भूमिका के अलावा अन्य नामजदों के खिलाफ जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।