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डिजिटल क्र ांति के लाभ ज्यादा, और हानि कम
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Sat, 11 Feb 2017 11:26 PM IST
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कार्यशाला में पुस्तक विमोचन के दौरान मौजूद लाोग
- फोटो : अमर उजाला
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महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रजत जयंती स्थापना पर्व पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड ई-सोसाइटी विषय पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शनिवार से शुरू हुई। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल क्र ांति के लाभ ज्यादा और और हानि कम हैं। तकनीक बढ़ने से लोगों को फायदा होता है।
विश्वविद्यालय के सभागार में राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि जबलपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केबी अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल क्रांति के कुछ फ ायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नरेश चंद्र गौतम ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी कंप्यूटर तकनीक में बहुत तेज है। डिजिटल क्त्रसंति के सभी आयामों से उसने अपने को जोड़ रखा है।
डिजिटल क्त्रसंति से जहां देश कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है बल्कि अनेक अपराधों के रोकथाम में इसका सार्थक उपयोग किया जा रहा है। ग्रामोदय सामुदायिक महाविद्यालय के प्राचार्य इंजीनियर राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि भारतीय समाज में तकनीक परिवर्तन के साथ तेजी से बदलाव आ रहे हैं। इन बदलावों को आत्मसात कर हमें तकनीकी परिवर्तन का लाभ लेना चाहिए। प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर आरसी सिंह ने कहा कि सामाजिक पुनर्रचना और सोशल इंजीनियरिंग जैसी अवधारणायें विश्वविद्यालय के मूल में हैं।
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कार्यशाला के संयोजक डा. सीपी गूजर ने किया। डा. अमरजीत सिंह, डा. नन्द लाल मिश्र, डा. वीरेंद्र कुमार व्यास ने भी विचार रखे। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुल सचिव डा. अजय कुमार मौजूद रहे। इस दौरान डॉ. सीपी गूजर एवं जबलपुर विश्वविद्यालय के डा. संजय तिवारी के संयुक्त प्रयास से लिखी पुस्तक आंत्रप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट का विमोचन किया गया।
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विश्वविद्यालय के सभागार में राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि जबलपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केबी अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल क्रांति के कुछ फ ायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नरेश चंद्र गौतम ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी कंप्यूटर तकनीक में बहुत तेज है। डिजिटल क्त्रसंति के सभी आयामों से उसने अपने को जोड़ रखा है।
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डिजिटल क्त्रसंति से जहां देश कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है बल्कि अनेक अपराधों के रोकथाम में इसका सार्थक उपयोग किया जा रहा है। ग्रामोदय सामुदायिक महाविद्यालय के प्राचार्य इंजीनियर राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि भारतीय समाज में तकनीक परिवर्तन के साथ तेजी से बदलाव आ रहे हैं। इन बदलावों को आत्मसात कर हमें तकनीकी परिवर्तन का लाभ लेना चाहिए। प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर आरसी सिंह ने कहा कि सामाजिक पुनर्रचना और सोशल इंजीनियरिंग जैसी अवधारणायें विश्वविद्यालय के मूल में हैं।
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कार्यशाला के संयोजक डा. सीपी गूजर ने किया। डा. अमरजीत सिंह, डा. नन्द लाल मिश्र, डा. वीरेंद्र कुमार व्यास ने भी विचार रखे। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुल सचिव डा. अजय कुमार मौजूद रहे। इस दौरान डॉ. सीपी गूजर एवं जबलपुर विश्वविद्यालय के डा. संजय तिवारी के संयुक्त प्रयास से लिखी पुस्तक आंत्रप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट का विमोचन किया गया।