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कुएं में गिरकर किशोर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट।
Updated Sun, 20 Sep 2015 11:29 PM IST
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तीर्थक्षेत्र के परिक्रमा मार्ग में शनिवार देर रात खुले कुएं में गिरकर एक किशोर की मौत हो गई। पुलिस ने किशोर को मिर्गी का दौरा आने के कारण हादसा होने की बात कही है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर भरतमिलाप मंदिर के पास रहने वाले मुन्ना ने बताया कि उसके तीसरे नंबर के पुत्र बैजनाथ (15) की फुटपाथ में चूड़ी बेचने की दुकान थी। शनिवार रात लगभग नौ बजे वह घर से खाना खाकर निकला। कुछ देर बाद पपोले पुत्र कल्लू नाई ने देखा कि बैजनाथ पास स्थित कुएं में गिर पड़ा है।
उसके शोर मचाने पर पास में ही दुकान किए राधा गुप्ता, महेश पांडे आदि भी वहां पहुंचे। सूचना पर परिजन भी आ गए। सीतापुर एसओ नीरज यादव पुलिसकर्मियों के साथ घटनास्थल पर गए। रात भर मशक्कत के बाद रविवार सुबह लगभग नौ बजे उसका शव बाहर निकाला जा सका। एसओ ने बताया कि बैजनाथ मानसिक रूप से कमजोर था और उसे मिर्गी भी आती थी। वह कुएं के पास गया और उसमें जा गिरा।
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कुएं में जाल नहीं, पूर्व में भी हो चुकी तीन मौतें
चित्रकूट। परिक्रमा मार्ग स्थित जिस कुएं में गिरकर किशोर की मौत हुई, वह उसके घर से दुकान जाने के रास्ते में पड़ता है। लगभग साठ फीट गहरे कुएं में भीषण गंदगी और झाड़ियां उगी हैं। इसमें न तो जाल है और न चारों ओर से बाउंड्री। लोगों ने बताया कि पूर्व में इस कुएं में गिरकर एक महिला और दो बच्चों की मौत हो चुकी है।
कमतू, रामकली, मुन्ना, कल्ली, रोहता आदि ने बताया कि उनके घर के पास लक्ष्मण पहाड़ी जाने वाले रास्ते में भी एक कुआं है, जिसमें जाल नहीं लगा है। कुएं की जगत से चढ़कर भी लोग आते-जाते हैं। बच्चे भी खेलते रहते हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। इसके अलावा परिक्रमा मार्ग और तीर्थक्षेत्र के अन्य स्थानों में लगभग छह-सात गहरे कुएं हैं।
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कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर भरतमिलाप मंदिर के पास रहने वाले मुन्ना ने बताया कि उसके तीसरे नंबर के पुत्र बैजनाथ (15) की फुटपाथ में चूड़ी बेचने की दुकान थी। शनिवार रात लगभग नौ बजे वह घर से खाना खाकर निकला। कुछ देर बाद पपोले पुत्र कल्लू नाई ने देखा कि बैजनाथ पास स्थित कुएं में गिर पड़ा है।
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उसके शोर मचाने पर पास में ही दुकान किए राधा गुप्ता, महेश पांडे आदि भी वहां पहुंचे। सूचना पर परिजन भी आ गए। सीतापुर एसओ नीरज यादव पुलिसकर्मियों के साथ घटनास्थल पर गए। रात भर मशक्कत के बाद रविवार सुबह लगभग नौ बजे उसका शव बाहर निकाला जा सका। एसओ ने बताया कि बैजनाथ मानसिक रूप से कमजोर था और उसे मिर्गी भी आती थी। वह कुएं के पास गया और उसमें जा गिरा।
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कुएं में जाल नहीं, पूर्व में भी हो चुकी तीन मौतें
चित्रकूट। परिक्रमा मार्ग स्थित जिस कुएं में गिरकर किशोर की मौत हुई, वह उसके घर से दुकान जाने के रास्ते में पड़ता है। लगभग साठ फीट गहरे कुएं में भीषण गंदगी और झाड़ियां उगी हैं। इसमें न तो जाल है और न चारों ओर से बाउंड्री। लोगों ने बताया कि पूर्व में इस कुएं में गिरकर एक महिला और दो बच्चों की मौत हो चुकी है।
कमतू, रामकली, मुन्ना, कल्ली, रोहता आदि ने बताया कि उनके घर के पास लक्ष्मण पहाड़ी जाने वाले रास्ते में भी एक कुआं है, जिसमें जाल नहीं लगा है। कुएं की जगत से चढ़कर भी लोग आते-जाते हैं। बच्चे भी खेलते रहते हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। इसके अलावा परिक्रमा मार्ग और तीर्थक्षेत्र के अन्य स्थानों में लगभग छह-सात गहरे कुएं हैं।