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शिक्षक घर-घर जाएंगे, बच्चे स्कूल आएंगे
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Tue, 14 Jul 2015 11:26 PM IST
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परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए नामांकन पखवारे के तहत प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। इसी के तहत नामांकन तिथि 21 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल आने को प्रेरित करेंगे। वहीं नामांकन होने के बाद भी स्कूल न आने वाले बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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शिक्षा सत्र में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए विभाग पूरी कोशिश में जुटा है। इसके चलते शासन नेे इस बार सीबीएसई और आईसीएसई की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों का सत्र अप्रैल माह से ही शुरू कर दिया। अब जुलाई का पहला पखवारा बीतने को है लेकिन नामांकन कम होने से बेसिक शिक्षा विभाग परेशान है। इसे देखते हुए स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने को शासनादेश जारी किया गया है। विभाग ने नामांकन तिथि बढ़ाकर 21 जुलाई कर दी है।
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नामांकन पखवारे के तहत शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल लाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान उन बच्चोें से भी संपर्क किया जाएगा, जिन्होंने अप्रैल में नामांकन करवाया था लेकिन विद्यालय नहीं आ रहे हैं। बीएसए वीके सिंह ने बताया कि सभी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए जिले में नामांकन पखवारा सप्ताह के तहत शिक्षक अभिभावकों और बच्चों से मिलेंगे। इस संबंध में एबीएसए को पहले से पत्र जारी किया जा चुका है।
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शिकायत को शुरू होगा टोल फ्री नंबर
स्कूलों मेें शिक्षकों के अनुपस्थित रहने से अधिकांश विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था सुचारु न होने से शैक्षिक गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने नई योजना बनाई है। इसके तहत एक कंट्रोल रूम स्थापित कर उसका टोल फ्र ी नंबर जारी किया जाएगा।
अभी तक सभी विद्यालयों में बीएसए और एबीएसए के नंबर ही लिखे हैं। इन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं होती है। इसके चलते शासन ने कंप्यूटराइज्ड टोल फ्री नंबर प्रारंभ कर कंट्रोल रूम स्थापित करने का आदेश जारी किया है। यह टोल फ्री नंबर विद्यालय परिसर में निश्चित स्थान पर अंकित किए जाएंगे।