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भूसा वितरण में लापरवाही पर पशुपालन अधिकारी सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो,चित्रकूट
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:00 AM IST
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पत्रकारों से बातचीत करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी योजनाओं का लाभ पात्रों को न मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त रहे। भूसा वितरण में लापरवाही पर पशुपालन अधिकारी को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा बीएसए के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने माना कि लेखपाल और कुछ अधिकारियों की मनमानी के कारण सरकार की छवि खराब हो रही है। अधिकारियों को मानवता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि सूखे से कराह रहे बुंदेलखंड में पात्रों को योजना का लाभ दें। साथ ही चेतावनी दी कि लापरवाही पर सरकार सख्त कदम उठाएगी।
बुंदेलखंड सूखा राहत सामग्री वितरण योजना के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कई बार कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि लेखपाल और कुछ अधिकारी भेदभाव कर रहे हैं, जिससे योजना का लाभ पात्रों तक नहीं पहुंचता। यह प्रदेश के विकास की दृष्टिकोण से अच्छा नहीं है। ऐसी मानसिकता से काम करने वाले मानवता धर्म को ध्यान रखें, अन्यथा सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।
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मुख्यमंत्री यहां तक कह गए कि सूखे से प्रभावित बुंदेलखंड में पात्रों को लाभ न दिया तो भगवान भी ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को माफ नहीं करेगा। डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भूसा वितरण में पशुविभाग की लापरवाही की शिकायत है। उन्होंने मुख्य सचिव को पशुपालन अधिकारी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। बीएसए पर भी मुख्यमंत्री की नजर टेढ़ी रही। कुछ दिन पूर्व मुख्य सचिव के झांसी दौरे पर उनको हटाने के निर्देशों का पालन न होने की बात सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा।
इस मौके पर प्रदेश के मंत्री राजेंद्र चौधरी और मुख्य सचिव आलोक रंजन भी मौजूद रहे।
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उन्होंने माना कि लेखपाल और कुछ अधिकारियों की मनमानी के कारण सरकार की छवि खराब हो रही है। अधिकारियों को मानवता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि सूखे से कराह रहे बुंदेलखंड में पात्रों को योजना का लाभ दें। साथ ही चेतावनी दी कि लापरवाही पर सरकार सख्त कदम उठाएगी।
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बुंदेलखंड सूखा राहत सामग्री वितरण योजना के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कई बार कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि लेखपाल और कुछ अधिकारी भेदभाव कर रहे हैं, जिससे योजना का लाभ पात्रों तक नहीं पहुंचता। यह प्रदेश के विकास की दृष्टिकोण से अच्छा नहीं है। ऐसी मानसिकता से काम करने वाले मानवता धर्म को ध्यान रखें, अन्यथा सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।
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मुख्यमंत्री यहां तक कह गए कि सूखे से प्रभावित बुंदेलखंड में पात्रों को लाभ न दिया तो भगवान भी ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को माफ नहीं करेगा। डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भूसा वितरण में पशुविभाग की लापरवाही की शिकायत है। उन्होंने मुख्य सचिव को पशुपालन अधिकारी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। बीएसए पर भी मुख्यमंत्री की नजर टेढ़ी रही। कुछ दिन पूर्व मुख्य सचिव के झांसी दौरे पर उनको हटाने के निर्देशों का पालन न होने की बात सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा।
इस मौके पर प्रदेश के मंत्री राजेंद्र चौधरी और मुख्य सचिव आलोक रंजन भी मौजूद रहे।