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होमगार्ड की पिटाई से टेंपो चालकों में आक्रोश, लगाया जाम
होमगार्ड की पिटाई से टेंपो चालकों में आक्रोश, लगाया जाम
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। एआरटीओ कार्यालय में तैनात होमगार्ड व टेंपो चालक के बीच अवैध वसूली को लेकर विवाद हो गया। टेपों चालक ने आरोप लगाया कि होमगार्ड को एक हजार रुपए न देने पर उसने गाली गलौज कर मारा पीटा। जानकारी होते ही शहर के सभी टेपों चालक आक्रोशित हो गए और हाईवे पर टेपों खड़ी कर जाम लगा दिया। लगभग एक घंटे तक मार्ग बाधित रहा। कोतवाली पुलिस टीम ने टेंपो चालकों को समझाने का प्रयास कर जाम हटाने को कहा लेकिन वह नहीं माने। पुलिस ने लाठियां फटकारी तो सभी चालक टेंपो लेकर भाग निकले।
कोतवाली क्षेत्र के द्वारिकापुरी निवासी मो. जब्बार पुत्र गुफरान ने बताया कि शनिवार की शाम को वह बेड़ीपुलिया में टेंपो बनवाने जा रहा था। रास्ते में दो होमगार्डों ने उसे रूकवाया और कहा कि कुछ दूरी पर एआरटीओ खड़े हैं। चलो कागज दिखाओ अथवा एक हजार रुपये दो नहीं तो टेंपो बंद करा दी जाएगी। रुपये देने से मना किया तो एक गार्ड हीरामणि ने गाली गलौज कर उसे लात घूंसों से मारा पीटा। इस दौरान दूसरे होमगार्ड (नाम अज्ञात ) ने भी उसे पीटा। इसके बाद कुछ स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तो दोनों होमगार्ड धमकी देते हुए चले गए।
घटना की जानकारी टेंपो चालकों को हुई तो रविवार की सुबह 11 बजे हाईवे किनारे पुरानी कोतवाली के पास टेंपो लेकर सभी चालक एकत्र हुए। इस दौरान जो भी यात्री लेकर टेंपो आई उससे सवारी उतारकर चालक को प्रदर्शन में शामिल किया गया। लगभग एक घंटे तक चले जाम के दौरान पहले एसएसआई श्यामसुंदर व हमराही मौके पर पहुंचे और चालकों को समझाने का प्रयास किया। एआरटीओ विभाग के होमगार्ड पर कार्रवाई का भरोसा भी दिया। लेकिन प्रदर्शनकारी टेंपो चालक नहीं माने। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गई जिसकी जानकारी होने पर कोतवाल अनिल सिंह मय फोर्स पहुंचे।
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कोतवाल ने टेंपो चालकों को बुलाकर कहा कि जिस होमगार्ड ने मारपीट की है उसके खिलाफ तहरीर दो और कोतवाली चलकर रिपोर्ट दर्ज कराओ लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। कुछ देर तक इंतजार के बाद पुलिस बल ने लाठियां फटकारना शुरू किया तो जाम खुल गया। सभी प्रदर्शन कारी टेंपो लेकर भाग खड़े हुए। कोतवाल ने बताया कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। लेकिन हाईवे जाम करने का अधिकार किसी का नहीं है।
मामले में एआरटीओ भवानीराम ने बताया कि उनके कहने पर किसी गार्ड ने अवैध वसूली नहीं की है। यदि उनके नाम पर किसी ने किया हो तो वह उसके लिए खुद जिम्मेदार है। सड़क पर वाहनों को नियमों का पालन कराने के लिए समय-समय पर चेकिंग अभियान चलता है। कुछ टेंपो चालकों की शिकायतें हैैं और कुछ अपनी कमी छिपाने के लिए उन पर आरोप लगाते हैं। उन्होंने किसी गार्ड को नहंी भेजा था। टेंपो चालक यात्रियों से मनमानी करते हैं। जिसकी शिकायत होने पर उच्चाधिकारी के निर्देश पर ही चेकिंग की जाती है। किसी को नियम के विपरीत मनमानी करने की आजादी नहीं दी सकती है।
चित्रकूट। एआरटीओ कार्यालय में तैनात होमगार्ड व टेंपो चालक के बीच अवैध वसूली को लेकर विवाद हो गया। टेपों चालक ने आरोप लगाया कि होमगार्ड को एक हजार रुपए न देने पर उसने गाली गलौज कर मारा पीटा। जानकारी होते ही शहर के सभी टेपों चालक आक्रोशित हो गए और हाईवे पर टेपों खड़ी कर जाम लगा दिया। लगभग एक घंटे तक मार्ग बाधित रहा। कोतवाली पुलिस टीम ने टेंपो चालकों को समझाने का प्रयास कर जाम हटाने को कहा लेकिन वह नहीं माने। पुलिस ने लाठियां फटकारी तो सभी चालक टेंपो लेकर भाग निकले।
कोतवाली क्षेत्र के द्वारिकापुरी निवासी मो. जब्बार पुत्र गुफरान ने बताया कि शनिवार की शाम को वह बेड़ीपुलिया में टेंपो बनवाने जा रहा था। रास्ते में दो होमगार्डों ने उसे रूकवाया और कहा कि कुछ दूरी पर एआरटीओ खड़े हैं। चलो कागज दिखाओ अथवा एक हजार रुपये दो नहीं तो टेंपो बंद करा दी जाएगी। रुपये देने से मना किया तो एक गार्ड हीरामणि ने गाली गलौज कर उसे लात घूंसों से मारा पीटा। इस दौरान दूसरे होमगार्ड (नाम अज्ञात ) ने भी उसे पीटा। इसके बाद कुछ स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तो दोनों होमगार्ड धमकी देते हुए चले गए।
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घटना की जानकारी टेंपो चालकों को हुई तो रविवार की सुबह 11 बजे हाईवे किनारे पुरानी कोतवाली के पास टेंपो लेकर सभी चालक एकत्र हुए। इस दौरान जो भी यात्री लेकर टेंपो आई उससे सवारी उतारकर चालक को प्रदर्शन में शामिल किया गया। लगभग एक घंटे तक चले जाम के दौरान पहले एसएसआई श्यामसुंदर व हमराही मौके पर पहुंचे और चालकों को समझाने का प्रयास किया। एआरटीओ विभाग के होमगार्ड पर कार्रवाई का भरोसा भी दिया। लेकिन प्रदर्शनकारी टेंपो चालक नहीं माने। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गई जिसकी जानकारी होने पर कोतवाल अनिल सिंह मय फोर्स पहुंचे।
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कोतवाल ने टेंपो चालकों को बुलाकर कहा कि जिस होमगार्ड ने मारपीट की है उसके खिलाफ तहरीर दो और कोतवाली चलकर रिपोर्ट दर्ज कराओ लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। कुछ देर तक इंतजार के बाद पुलिस बल ने लाठियां फटकारना शुरू किया तो जाम खुल गया। सभी प्रदर्शन कारी टेंपो लेकर भाग खड़े हुए। कोतवाल ने बताया कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। लेकिन हाईवे जाम करने का अधिकार किसी का नहीं है।
मामले में एआरटीओ भवानीराम ने बताया कि उनके कहने पर किसी गार्ड ने अवैध वसूली नहीं की है। यदि उनके नाम पर किसी ने किया हो तो वह उसके लिए खुद जिम्मेदार है। सड़क पर वाहनों को नियमों का पालन कराने के लिए समय-समय पर चेकिंग अभियान चलता है। कुछ टेंपो चालकों की शिकायतें हैैं और कुछ अपनी कमी छिपाने के लिए उन पर आरोप लगाते हैं। उन्होंने किसी गार्ड को नहंी भेजा था। टेंपो चालक यात्रियों से मनमानी करते हैं। जिसकी शिकायत होने पर उच्चाधिकारी के निर्देश पर ही चेकिंग की जाती है। किसी को नियम के विपरीत मनमानी करने की आजादी नहीं दी सकती है।