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मानिकपुर सीट पर छोटे दलों की निगाह
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चित्रकूट। भाजपा और सपा के गठबंधन मेें शामिल दलों की निगाह जिले की मानिकपुर सीट पर है। इसके लिए भाजपा व सपा पर दबाव भी डाला जा रहा है। इससे भाजपा व सपा के दावेदारों की चिंता बढ़ गई है।
विधानसभा चुनाव में भाजपा का अपना दल (एस) और निषाद पार्टी से गठबंधन है। सपा ने प्रसपा और अपना दल (कमेरावादी) से हाथ मिलाया है। भाजपा और सपा के गठबंधन साथी मानिकपुर सीट पर दावा ठोंक रहे हैं। वर्ष 2017 के चुनाव और 2019 के उपचुनाव में मानिकपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीता था। इससे गठबंधन दलों का दबाव बढ़ने पर भाजपाई चिंतित दिख रहे हैं। उधर, प्रसपा और अपना दल (कमेरावादी) के नेता भी सपा से मानिकपुर सीट मांग रहे हैं। चूंकि सपा भी मानिपुर में जीत चुकी है इसलिए उसके नेता सीट छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे का कहना है कि भाजपा गठबंधन धर्म भाजपा निभाती है। किसी तरह का दबाव नहीं है, सीटों का बंटवारा हाईकमान करेगा। सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने कहा कि दोनों सीटों पर आए आवेदनों पर हाईकमान फैसला लेगा। गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं को अपनी बात कहने का अधिकार है। सपा हित में ही निर्णय होगा। गौरतलब है कि बसपा ने जिले की दोनों सीट पर प्रत्याशी तय कर दिए हैं। कांग्रेस ने भी मानिकपुर सीट पर प्रत्याशी उतार दिया है।
2007 में लड़ा था अपना दल
भाजपा ने वर्ष 2007 में भी अपना दल से गठबंधन किया था। तब मानिकपुर सीट अपना दल को दी गई थी। पिछले चुनाव में सपा ने कांग्रेस से गठबंधन किया था। तब कांग्रेस की संपतपाल मानिकपुर सीट से चुनाव लड़ीं थीं।
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विधानसभा चुनाव में भाजपा का अपना दल (एस) और निषाद पार्टी से गठबंधन है। सपा ने प्रसपा और अपना दल (कमेरावादी) से हाथ मिलाया है। भाजपा और सपा के गठबंधन साथी मानिकपुर सीट पर दावा ठोंक रहे हैं। वर्ष 2017 के चुनाव और 2019 के उपचुनाव में मानिकपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीता था। इससे गठबंधन दलों का दबाव बढ़ने पर भाजपाई चिंतित दिख रहे हैं। उधर, प्रसपा और अपना दल (कमेरावादी) के नेता भी सपा से मानिकपुर सीट मांग रहे हैं। चूंकि सपा भी मानिपुर में जीत चुकी है इसलिए उसके नेता सीट छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे का कहना है कि भाजपा गठबंधन धर्म भाजपा निभाती है। किसी तरह का दबाव नहीं है, सीटों का बंटवारा हाईकमान करेगा। सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने कहा कि दोनों सीटों पर आए आवेदनों पर हाईकमान फैसला लेगा। गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं को अपनी बात कहने का अधिकार है। सपा हित में ही निर्णय होगा। गौरतलब है कि बसपा ने जिले की दोनों सीट पर प्रत्याशी तय कर दिए हैं। कांग्रेस ने भी मानिकपुर सीट पर प्रत्याशी उतार दिया है।
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2007 में लड़ा था अपना दल
भाजपा ने वर्ष 2007 में भी अपना दल से गठबंधन किया था। तब मानिकपुर सीट अपना दल को दी गई थी। पिछले चुनाव में सपा ने कांग्रेस से गठबंधन किया था। तब कांग्रेस की संपतपाल मानिकपुर सीट से चुनाव लड़ीं थीं।
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