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लघु कुटीर उद्योग से हो सकता क्षेत्र का विकास
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Sat, 25 Feb 2017 11:35 PM IST
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ग्रामोदय मेले में दीवारी नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्रामोदय मेले के दूसरे दिन झारखंड प्रांत के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ मुंडा व मध्य प्रदेश शासन के वाणिज्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला,ने सभी स्थानों का भ्रमण कर छात्रों की प्रस्तुतियों को सराहा। लघु उद्योग की संभावना पर कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देकर धर्मनगरी के आस-पास के क्षेत्रों में सब्जी, लकड़ी से जुडे़ लघु उद्योग खूब फल फूल सकते हैं।
शनिवार को मेले में सुबह से दर्शकों की खूब भीड़ उमड़ी। खासकर प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के लिए लोग शाम तक डटे रहे। इसी दौरान दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री और मध्य प्रदेश के वाणिज्य मंत्री ने दीप प्रज्जवलित कर की।
इसके बाद दोनों मंत्रियों ने कहा कि इस क्षेत्र का विकास लघु व कुटीर उद्योग से हो सकता है। व्यावसायिक शिक्षा से स्वरोजगारी बनकर लोग दूसरे को भी रोजगार दे सकते हैं। इसके लिए सरकार कई योजनाओं में लोन भी देती है। इसके बाद दोनों मंत्रियों ने अर्द्धशासकीय संस्थाओं द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी , स्टालों को देखकर खूब सराहना की। कहा कि इससे लोगों को नई जानकारी मिलती है। इस मौके पर खजुराहो के सांसद नागेन्द्र सिंह, मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री सुहास भगत, सतना महापौर ममता पाण्डेय, इन्दौर विधायक विजया ठाकुर आदि ने मेले में आकर लोगों का उत्साह बढ़ाया।
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चित्रकूट। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली एवं दीनदयाल शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में उच्चकोटि के विख्यात लोक कलाकारों द्वारा मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुतियों का प्रदर्शन रविवार को पंचवटी आरोग्यधाम के मा मंदाकिनी के पावन तट पर किया जाएगा। इसमें केरल का पुलिकली, कुमटीकल्ली, तमिलनाडू का कलियाट्टम, गुजरात का भील, छत्तीसगढ़ की रामनमिस तथा हिमांचल प्रदेश का ठोडा व चित्रकूट का कुम्हरायी नृत्य 250 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही पार्श्व गायक मोहित चौहान द्वारा संगीत संध्या का प्रदर्शन सायं सात बजे से किया जायेगा।
चित्रकूट। मेले में दर्शकों की भीड़ तेजी के साथ बढ़ रही है। किसी का उद्देश्य ज्ञान विज्ञान का अर्जन करना है। किसी का उद्देश्य मेले में घुमने का है, किसान नए बीजों को देख रहा है। युवा कौशल के नई-नई तकनीकी को देख रहा है। इस अभिनव मेले में सरकारी योजनाएं तथा गैर सरकारी संगठनों के कार्यक्त्रस्मों देखने का खुला अवसर है। हर कोई अपनी सुविधा और समय के अनुसार मेला का आनंद उठा रहा है। एनडीआरएफ की कंपनी ने भी स्टाल लगाया है। इस कंपनी के कर्मी कई मौकों पर प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों के तरीके एवं विशेषताओं के बारे में जानकारी दे रहे है।
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शनिवार को मेले में सुबह से दर्शकों की खूब भीड़ उमड़ी। खासकर प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के लिए लोग शाम तक डटे रहे। इसी दौरान दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री और मध्य प्रदेश के वाणिज्य मंत्री ने दीप प्रज्जवलित कर की।
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इसके बाद दोनों मंत्रियों ने कहा कि इस क्षेत्र का विकास लघु व कुटीर उद्योग से हो सकता है। व्यावसायिक शिक्षा से स्वरोजगारी बनकर लोग दूसरे को भी रोजगार दे सकते हैं। इसके लिए सरकार कई योजनाओं में लोन भी देती है। इसके बाद दोनों मंत्रियों ने अर्द्धशासकीय संस्थाओं द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी , स्टालों को देखकर खूब सराहना की। कहा कि इससे लोगों को नई जानकारी मिलती है। इस मौके पर खजुराहो के सांसद नागेन्द्र सिंह, मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री सुहास भगत, सतना महापौर ममता पाण्डेय, इन्दौर विधायक विजया ठाकुर आदि ने मेले में आकर लोगों का उत्साह बढ़ाया।
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चित्रकूट। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली एवं दीनदयाल शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में उच्चकोटि के विख्यात लोक कलाकारों द्वारा मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुतियों का प्रदर्शन रविवार को पंचवटी आरोग्यधाम के मा मंदाकिनी के पावन तट पर किया जाएगा। इसमें केरल का पुलिकली, कुमटीकल्ली, तमिलनाडू का कलियाट्टम, गुजरात का भील, छत्तीसगढ़ की रामनमिस तथा हिमांचल प्रदेश का ठोडा व चित्रकूट का कुम्हरायी नृत्य 250 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही पार्श्व गायक मोहित चौहान द्वारा संगीत संध्या का प्रदर्शन सायं सात बजे से किया जायेगा।
चित्रकूट। मेले में दर्शकों की भीड़ तेजी के साथ बढ़ रही है। किसी का उद्देश्य ज्ञान विज्ञान का अर्जन करना है। किसी का उद्देश्य मेले में घुमने का है, किसान नए बीजों को देख रहा है। युवा कौशल के नई-नई तकनीकी को देख रहा है। इस अभिनव मेले में सरकारी योजनाएं तथा गैर सरकारी संगठनों के कार्यक्त्रस्मों देखने का खुला अवसर है। हर कोई अपनी सुविधा और समय के अनुसार मेला का आनंद उठा रहा है। एनडीआरएफ की कंपनी ने भी स्टाल लगाया है। इस कंपनी के कर्मी कई मौकों पर प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों के तरीके एवं विशेषताओं के बारे में जानकारी दे रहे है।