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श्रीमद्भागवत कथा सुनने, पढ़ने से मिलता पुण्य
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Thu, 09 Feb 2017 11:23 PM IST
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राजापुर के बेराउर गांव में कथा सुनाते अरविंद महराज
- फोटो : अमर उजाला
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राजापुर के बेराउर गांव के पुरवा में चल रही कथा में कथा व्यास अरविंद महराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बचपन की लीला को देखकर गोकुलवासी खुश रहते थे। माता यशोदा व नंद बाबा कृष्ण की सुधबुध में खोये रहते थे।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने व पढ़ने से पुण्य मिलता है। वहीं लैना बाबा सरकार आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के सातवें दिन कथा व्यास प्रभा ने कहा कि भगवान राम ने धनुष को तोड़ा। जिससे श्रीराम व सीता का विवाह हुआ।
जब भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुर में नगर दर्शन के लिये निकले तो सभी अपना काम छोड़ कर भगवान के दर्शन क रने के लिये उमड़ पडे़। श्रीराम गुरू जी की आज्ञा से पुष्प वाटिका जाते हैं। उसी समय जनक की पुत्री सीता गौरी की पूजा करने के लिये पहुंचती हैं।
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उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने व पढ़ने से पुण्य मिलता है। वहीं लैना बाबा सरकार आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के सातवें दिन कथा व्यास प्रभा ने कहा कि भगवान राम ने धनुष को तोड़ा। जिससे श्रीराम व सीता का विवाह हुआ।
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जब भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुर में नगर दर्शन के लिये निकले तो सभी अपना काम छोड़ कर भगवान के दर्शन क रने के लिये उमड़ पडे़। श्रीराम गुरू जी की आज्ञा से पुष्प वाटिका जाते हैं। उसी समय जनक की पुत्री सीता गौरी की पूजा करने के लिये पहुंचती हैं।
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