फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Saint Mahants including Jagadguru expressed grief

जगद्गुरु समेत संत महंतों ने जताया शोक

Mon, 20 Sep 2021 11:26 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Sep 2021 11:26 PM IST
विज्ञापन
Saint Mahants including Jagadguru expressed grief
चित्रकूट/खोही। प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के निधन पर धर्मनगरी चित्रकूट के संत महंत शोकाकुल हो गए हैं। दो माह पूर्व ही वह धर्मनगरी चित्रकूट में दो दिन प्रवास कर जगद्गुरु रामभद्राचार्य से लेकर कई साधुसंतों व आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से भी मुलाकात की थी। सभी ने एक स्वर में कहा कि महंत नरेंद्र गिरी का चित्रकूट से बेहद नजदीकी संबंध रहा। मठ मंदिरों से लेकर संतों के किसी भी मामले में वह खुद चित्रकूट आते थे और निराकरण कराते थे।
विज्ञापन

सोमवार को जैसे ही यह खबर मिली कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी का निधन हो गया है तो जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि ऐसा हो गया। वह आपस में बेहद प्रेम व श्रद्धा रखते थे। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष बनने के बाद वह धर्मनगरी आकर सभी संतों से मिले थे। उनके स्वभाव में सबके लिए प्रेम भाव ही था। भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास ने कहा कि वह सब बेहद अचभिंत हैं कि ऐसा असमय हो गया। उनका स्नेह याद आता है। जानकी महल के महंत सीताशरण दास, निर्मोही अखाड़ा के महंत शिवरामदास, महंत दीनदयाल दास, अनूप दास खाकी अखाडा, रामजी दास संतोषी अखाडा, सत्यप्रकाश महराज निर्वाणी यज्ञवेदी अखाडा आदित्य नारायण दास महानिर्वाणी अखाड़ा ने भी गहरा शोक जताया है।
विज्ञापन

जगद्गुरु को मिलेगी संस्कृति साहित्य में फेलोशिप
चित्रकूट। साहित्य अकादमी नई दिल्ली के सचिव डा. के श्रीनिवासराव ने बताया कि संस्कृति साहित्य में फेलोशिप के लिए जगद्गुरू रामभद्राचार्य को चुना गया है। वे प्रख्यात विद्वान हैं। उनको 22 भाषाओं का ज्ञान है। जिन्होंने 221 पुस्तकों व ग्रंथों के लेखन का कार्य किया है। जिसमें दो ग्रंथों में रामचरित मानस पर हिंदी टीका व ब्रम्हसूत्र भगवत गीता व प्रधान उपनिषद पर संस्कृत भाषा शामिल हैं। इसके अलावा जगद्गुरु ने दिव्यांगों के लिए विश्वविद्यालय खोलने का कार्य किया। जो उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के शचीपुरम गांव के रहने वाले हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed