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आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक: बंगाल की हार से सबक लेकर संघ बढ़ेगा आगे, हिंदुत्व के साथ मुस्लिमों को भी जोड़ने पर जोर
Mon, 12 Jul 2021 12:12 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 12 Jul 2021 12:12 AM IST
सार
बैठक में कहा गया कि बंगाल सहित पूर्वोत्तर राज्यों में हिंदुत्व को धार देने की जरूरत है। बैठक में पश्चिम बंगाल के बारे में कहा गया कि अपेक्षा के अनुरूप सफलता नहीं मिली।
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आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को अपेक्षा के अनुरूप सफलता न मिलने पर संघ ने मंथन करते हुए इससे सबक लेकर आगे की योजनाओं पर रुझान बढ़ा दिया है। संघ की राष्ट्रीय चिंतन बैठक में रविवार को तीसरे दिन यह मुद्दा भी प्रमुखता से शामिल रहा।
बैठक में कहा गया कि बंगाल सहित पूर्वोत्तर राज्यों में हिंदुत्व को धार देने की जरूरत है। बैठक में पश्चिम बंगाल के बारे में कहा गया कि अपेक्षा के अनुरूप सफलता नहीं मिली। अब वहां की सियासत को समझकर आगे कदम रखना होगा।
हिंदुत्व मुद्दे के साथ मुस्लिम वर्ग को भी अपने साथ जोड़ना होगा, ताकि सामंजस्य बन सके। इस दौरान बैठक में युवाओं को भी आरएसएस से जोड़ने पर जोर दिया गया। बैठक के पहले सत्र में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने प्रांत प्रचारकों के कामों की समीक्षा की।
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कोरोना काल में किए गए कार्यों को भी परखा। कुछ प्रांत प्रचारकों ने कहा कि राज्य सरकारों के कामकाज से वहां के निवासियों में असंतोष देखा गया। बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि संघ की शाखाएं गांवों में संचालित हों। बैठक में सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, राममाधव, भइया जी जोशी, सुरेश सोनी, कृष्ण गोपाल, मदन दास देवी सहित करीब 45 प्रांत प्रचारक उपस्थित रहे।
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बैठक में कहा गया कि बंगाल सहित पूर्वोत्तर राज्यों में हिंदुत्व को धार देने की जरूरत है। बैठक में पश्चिम बंगाल के बारे में कहा गया कि अपेक्षा के अनुरूप सफलता नहीं मिली। अब वहां की सियासत को समझकर आगे कदम रखना होगा।
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हिंदुत्व मुद्दे के साथ मुस्लिम वर्ग को भी अपने साथ जोड़ना होगा, ताकि सामंजस्य बन सके। इस दौरान बैठक में युवाओं को भी आरएसएस से जोड़ने पर जोर दिया गया। बैठक के पहले सत्र में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने प्रांत प्रचारकों के कामों की समीक्षा की।
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कोरोना काल में किए गए कार्यों को भी परखा। कुछ प्रांत प्रचारकों ने कहा कि राज्य सरकारों के कामकाज से वहां के निवासियों में असंतोष देखा गया। बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि संघ की शाखाएं गांवों में संचालित हों। बैठक में सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, राममाधव, भइया जी जोशी, सुरेश सोनी, कृष्ण गोपाल, मदन दास देवी सहित करीब 45 प्रांत प्रचारक उपस्थित रहे।