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वादन, गायन से छात्रों ने मोहा मन
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Thu, 09 Feb 2017 11:19 PM IST
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प्रांतीय कला पर्व में रंगोली सजातीं छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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प्राचीन लोक कलाओं को बचाने के लिये कस्बे के नागेश्वर प्रसाद अग्रवाल सरस्वती शिशु मंदिर में प्रांतीय कला पर्व आयोजित किया गया। जिसमें 14 जिलों से आये छात्र-छात्राओं ने तमाम लोक कलाओं का प्रदर्शन किया।
गुरुवार को कार्यक्रम का शुभारंभ धीरेंद्र सिंह ने किया। कार्यक्रम में गायन, वादन, नृत्य, चित्रक ला, रंगोली, मेहंदी के साथ संगीत की अनेक विधाओं को छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किया।
जिसमें हारमोनियम व तबला के बीच, कत्थक नृत्य भी प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वनवासी कल्याण शिक्षा समिति मानिकपुर के कमलाकांत उपाध्याय ने कहा कि संगीत एक ऐसी विद्या है।
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जो मन को प्रसन्न करती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र के अंदर कला छिपी रहती है। डा. शिवशंकर सिंह ने कहा कि भारत की प्राचीन लोक कलाएं विलुप्त हो रहीं हैं। इनको बचाने के लिये ऐसे कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। इस मौके पर विजयशंकर, राकेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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गुरुवार को कार्यक्रम का शुभारंभ धीरेंद्र सिंह ने किया। कार्यक्रम में गायन, वादन, नृत्य, चित्रक ला, रंगोली, मेहंदी के साथ संगीत की अनेक विधाओं को छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किया।
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जिसमें हारमोनियम व तबला के बीच, कत्थक नृत्य भी प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वनवासी कल्याण शिक्षा समिति मानिकपुर के कमलाकांत उपाध्याय ने कहा कि संगीत एक ऐसी विद्या है।
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जो मन को प्रसन्न करती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र के अंदर कला छिपी रहती है। डा. शिवशंकर सिंह ने कहा कि भारत की प्राचीन लोक कलाएं विलुप्त हो रहीं हैं। इनको बचाने के लिये ऐसे कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। इस मौके पर विजयशंकर, राकेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।