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खेल : हादसे के बाद जारी किया रवन्ना
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चित्रकूट। झांसी मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के सदर कोतवाली अंतर्गत चकमाली के पास बेकाबू डंपर व ऑटो की भिडंत में सात की मौत के बाद डंपर मालिक व चालक को बचाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। इस मामले में एक नया मामला सामने आया है पुलिस रिकार्ड के अनुसार घटना मंगलवार की सुबह छह बजे हुई। डंपर में लदी गिट्टी के लिए रवन्ना सुबह सात बजकर 34 मिनट पर काटा गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यह गजब खेल अवैध रूप से खनिज सामग्री ढुलान करने वालों ने खेला है। मामला उजागर होने के बाद डीएम ने इसकी जांच करने के लिए जिला खनिज अधिकारी को नामित किया है।
बुधवार की सुबह मे. गोविंदा ग्रेनाइट रौली कल्याणपुर की फर्म से दो मार्च मंगलवार का सात बजकर 34 मिनट व 37 सेकेंड पर इसी डंपर के नंबर का रवन्ना कौशांबी के लिए जारी हुआ। यह रवन्ना सोशल मीडिया में भी दिनभर वायरल रहा। इसे लेकर चर्चा रही कि हादसे के समय डंपर में लदी गिट्टी का रवन्ना नहीं था। हादसे में कागजात की जांच से बचने के लिए आनन फानन इसे जारी किया गया।
इसमें समय की चूक होने से मामला सामने आ गया। पुलिस की दर्ज एफआईआर में डंपर व ऑटो की टक्कर सुबह छह बजे हुई जबकि रवन्ना जारी होने का समय सात बजकर 34 मिनट पड़ा है। तो क्या हादसे के बाद गिट्टी के लिए रवन्ना जारी किया गया। इस पूरे मामले को डीएम ने संज्ञान में लेकर जिला खनिज अधिकारी से जांच करने के लिए कहा है।
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जिला खनिज अधिकारी सुधाकरण सिंह ने बताया कि यह सच है कि एक रवन्ना सुबह साढ़े सात बजे का उसी डंपर के नंबर से जारी होकर सोशल मीडिया में वायरल है। इसकी पूरी सच्चाई के लिए जांच टीम बनाई गई है। टीम का नेतृत्व वह खुद कर रहे हैं। संबधित फर्म से कागजात मंगाए गए हैं। जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
हाईवे पर डंपर व ऑटो की भिडं़त का समय सुबह लगभग छह बजे है। शहर में नो इंट्री सुबह साढ़े छह बजे शुरु हो जाती है। इसके पूर्व ज्यादातर स्थलों पर चेकिंग नहीं होती है ऐसे में इसका फायदा उठाने के लिए खनिज सामग्री लदे वाहन बिना कागजात के जल्द से जल्द शहर से बाहर निकलने का प्रयास करते हैं। इस हादसे के पीछे भी यही बात सामने आ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगभग 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जा रहे डंपर की टक्कर से ऑटो के परखच्चे उड़ गए थे। उसमें सवार 8 में से 7 यात्रियों की मौत हो चुकी है।
इनसेट
बचते हैं 8 से 10 हजार रुपये
चित्रकूट। खनिज अधिनियमों के अनुरूप खनिज सामग्री का ढुलान करने वाले वाहनों के पास रवन्ना (खनिज सामग्री ढुलान का परमिट) होना जरूरी होता है। इसी से राजस्व की प्राप्ति होती है। एक ट्रक व डंपर में आमतौर पर 8 से 10 हजार रुपये तक का रवन्ना कटता है। इसी धनराशि को बचाने के लिए अक्सर डंपर व ट्रक चालक माल लादकर तेज रफ्तार से गंत्वय की ओर जाते हैं कि किसी के पकडऩे के पहले ही वह मंजिल तक आ जाएं। संवाद
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बुधवार की सुबह मे. गोविंदा ग्रेनाइट रौली कल्याणपुर की फर्म से दो मार्च मंगलवार का सात बजकर 34 मिनट व 37 सेकेंड पर इसी डंपर के नंबर का रवन्ना कौशांबी के लिए जारी हुआ। यह रवन्ना सोशल मीडिया में भी दिनभर वायरल रहा। इसे लेकर चर्चा रही कि हादसे के समय डंपर में लदी गिट्टी का रवन्ना नहीं था। हादसे में कागजात की जांच से बचने के लिए आनन फानन इसे जारी किया गया।
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इसमें समय की चूक होने से मामला सामने आ गया। पुलिस की दर्ज एफआईआर में डंपर व ऑटो की टक्कर सुबह छह बजे हुई जबकि रवन्ना जारी होने का समय सात बजकर 34 मिनट पड़ा है। तो क्या हादसे के बाद गिट्टी के लिए रवन्ना जारी किया गया। इस पूरे मामले को डीएम ने संज्ञान में लेकर जिला खनिज अधिकारी से जांच करने के लिए कहा है।
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जिला खनिज अधिकारी सुधाकरण सिंह ने बताया कि यह सच है कि एक रवन्ना सुबह साढ़े सात बजे का उसी डंपर के नंबर से जारी होकर सोशल मीडिया में वायरल है। इसकी पूरी सच्चाई के लिए जांच टीम बनाई गई है। टीम का नेतृत्व वह खुद कर रहे हैं। संबधित फर्म से कागजात मंगाए गए हैं। जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
हाईवे पर डंपर व ऑटो की भिडं़त का समय सुबह लगभग छह बजे है। शहर में नो इंट्री सुबह साढ़े छह बजे शुरु हो जाती है। इसके पूर्व ज्यादातर स्थलों पर चेकिंग नहीं होती है ऐसे में इसका फायदा उठाने के लिए खनिज सामग्री लदे वाहन बिना कागजात के जल्द से जल्द शहर से बाहर निकलने का प्रयास करते हैं। इस हादसे के पीछे भी यही बात सामने आ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगभग 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जा रहे डंपर की टक्कर से ऑटो के परखच्चे उड़ गए थे। उसमें सवार 8 में से 7 यात्रियों की मौत हो चुकी है।
इनसेट
बचते हैं 8 से 10 हजार रुपये
चित्रकूट। खनिज अधिनियमों के अनुरूप खनिज सामग्री का ढुलान करने वाले वाहनों के पास रवन्ना (खनिज सामग्री ढुलान का परमिट) होना जरूरी होता है। इसी से राजस्व की प्राप्ति होती है। एक ट्रक व डंपर में आमतौर पर 8 से 10 हजार रुपये तक का रवन्ना कटता है। इसी धनराशि को बचाने के लिए अक्सर डंपर व ट्रक चालक माल लादकर तेज रफ्तार से गंत्वय की ओर जाते हैं कि किसी के पकडऩे के पहले ही वह मंजिल तक आ जाएं। संवाद