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हादसे के इंतजार में रेलवे विभाग
ब्यूरो अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:35 PM IST
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धर्मनगरी में रेलवे पुल केे तकरीबन दो हजार नट बोल्ट ढीले हो गए हैं। यह महकमे की ही सर्वे रिपोर्ट है। इसके बाद भी अफसरों को इसकी चिंता नहीं है। पुल से रोज एक दर्जन से अधिक ट्रेनें झांसी-कानपुर-इलाहाबाद-मुंबई की ओर गुजरती हैं। पुल के कमजोर होने से हादसे की आशंकाएं बनी हुई हैं। लापरवाही से हादसा हुआ तो लोगाें की जान पर बन सकती है। पीडब्ल्यूआई इसे बड़ी बात नहीं मानते हैं।
मुख्यालय के चित्रकूटधाम कर्वी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए सभी ट्रेनों को पैयुस्वनी नदी पर बने पुल से गुजरना पड़ता है। इस पुल का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत में कराया गया था। यूं समय-समय पर पुल की मरम्मत का काम कराया जाता रहा है। कुछ माह से इसमें लापरवाही हो रही है।
नियमित जांच न होने से लगभग दो सौ मीटर लंबे इस पुल के करीब दो हजार नट बोल्ट ढीले या कमजोर हो गए हैं। इससे पुल पर कंपन बढ़ सकता है। ट्रेन के पुल से गुजरते समय संतुलन बिगड़ने पर हादसे क ी आशंका से लोग डर जाते हैं। यहां से रोज एक दर्जन से अधिक यात्री ट्रेनों के अलावा औसतन दो मालगाड़ी गुजरती हैं।
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मुख्यालय के चित्रकूटधाम कर्वी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए सभी ट्रेनों को पैयुस्वनी नदी पर बने पुल से गुजरना पड़ता है। इस पुल का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत में कराया गया था। यूं समय-समय पर पुल की मरम्मत का काम कराया जाता रहा है। कुछ माह से इसमें लापरवाही हो रही है।
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नियमित जांच न होने से लगभग दो सौ मीटर लंबे इस पुल के करीब दो हजार नट बोल्ट ढीले या कमजोर हो गए हैं। इससे पुल पर कंपन बढ़ सकता है। ट्रेन के पुल से गुजरते समय संतुलन बिगड़ने पर हादसे क ी आशंका से लोग डर जाते हैं। यहां से रोज एक दर्जन से अधिक यात्री ट्रेनों के अलावा औसतन दो मालगाड़ी गुजरती हैं।
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