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Chitrakoot News: 20 साल का वनवास खत्म, तिलौली को मिला रास्ता
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मऊ (चित्रकूट)। कहते हैं कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, तिलौली गांव के लोगों ने इसे सच कर दिखाया। 20 साल से जिस रास्ते के लिए 12 बार नाप हुई, लेकिन विवाद में हर बार काम रुक गया, उस रास्ते पर आखिरकार रविवार को जेसीबी चल गई। और यह संभव किया एसडीएम मऊ राम ऋषि रमन ने।
मऊ तहसील के तिलौली गांव की कहानी हर ग्रामीण की जुबान पर है। रास्ता नहीं तो स्कूल कैसे जाएं? खेत से फसल कैसे लाएं? बरसात में कीचड़ से होकर गुजरना मजबूरी थी। बच्चे गिरते-पड़ते स्कूल पहुंचते थे।
ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार, पूर्व प्रधान राधेश्याम मिश्रा सहित दर्जनों ग्रामीण इस समस्या को लेकर कई बार दौड़े, 12 बार नाप भी हुई, पर आपसी खींचतान में रास्ता बन नहीं पाया। थक-हारकर ग्रामीण एसडीएम मऊ राम ऋषि रमन से मिले और ज्ञापन दिया। एसडीएम ने फाइल को ठंडे बस्ते में नहीं डाला। रविवार छुट्टी के दिन वह खुद लेखपाल अंशुमान के साथ तिलौली पहुंच गए। गांव में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया।
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लेखपाल से निष्पक्ष नाप कराई, दोनों पक्षों को समझाया और राजी किया। फिर तुरंत जेसीबी बुलाई और निर्माण शुरू करा दिया। जैसे ही जेसीबी ने मिट्टी खोदनी शुरू की, पूरा गांव खुशी से झूम उठा। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और एसडीएम का आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा, 20 साल का इंतजार आज खत्म हुआ।
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मऊ तहसील के तिलौली गांव की कहानी हर ग्रामीण की जुबान पर है। रास्ता नहीं तो स्कूल कैसे जाएं? खेत से फसल कैसे लाएं? बरसात में कीचड़ से होकर गुजरना मजबूरी थी। बच्चे गिरते-पड़ते स्कूल पहुंचते थे।
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ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार, पूर्व प्रधान राधेश्याम मिश्रा सहित दर्जनों ग्रामीण इस समस्या को लेकर कई बार दौड़े, 12 बार नाप भी हुई, पर आपसी खींचतान में रास्ता बन नहीं पाया। थक-हारकर ग्रामीण एसडीएम मऊ राम ऋषि रमन से मिले और ज्ञापन दिया। एसडीएम ने फाइल को ठंडे बस्ते में नहीं डाला। रविवार छुट्टी के दिन वह खुद लेखपाल अंशुमान के साथ तिलौली पहुंच गए। गांव में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया।
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लेखपाल से निष्पक्ष नाप कराई, दोनों पक्षों को समझाया और राजी किया। फिर तुरंत जेसीबी बुलाई और निर्माण शुरू करा दिया। जैसे ही जेसीबी ने मिट्टी खोदनी शुरू की, पूरा गांव खुशी से झूम उठा। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और एसडीएम का आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा, 20 साल का इंतजार आज खत्म हुआ।