{"_id":"6aad8240d176c849be0278b0","slug":"raids-on-transporters-and-a-pan-masala-firm-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1003-136502-2026-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: ट्रांसपोर्टरों और पान मसाला फर्म पर छापा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: ट्रांसपोर्टरों और पान मसाला फर्म पर छापा
Fri, 18 Sep 2026 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 18 Sep 2026 11:56 PM IST
विज्ञापन
चित्रकूट। मुख्यालय कर्वी में शुक्रवार को केंद्रीय डीजीजीआई और सीजीएसटी की टीम ने बड़ी छापा मारी की।
करीब 10 वाहनों से आई टीम ने शहर के कई ट्रांसपोर्टरों और पान मसाला कारोबारी की फर्म पर एक साथ कार्रवाई की। दिनभर चली जांच से कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा।
यह कार्रवाई पिछले महीने पान मसाला कारोबारी पर हुई छापा मारी से जुड़ी है। तब जांच के दौरान ट्रांसपोर्ट से संबंधित कुछ बिल्टी और दस्तावेज टीम के हाथ लगे थे। उसी आधार पर शुक्रवार को सेंट्रल टीम ने दोबारा कर्वी में डेरा डाला।
टीम सबसे पहले बल्दाऊगंज स्थित पान मसाला कारोबार से जुड़ी एक फर्म पर पहुंची। वहां टीम ने 2018 से अब तक के कारोबार, जीएसटी रिटर्न और स्टॉक का मिलान किया। सूत्रों के अनुसार मौके पर बड़ी मात्रा में तैयार पान मसाला, विभिन्न कंपनियों के रैपर, पैकिंग मशीनें और कच्चा माल मिला। जांच में सामने आया कि फर्म में बिक्री कम दिखाई गई है, जबकि स्टॉक कहीं अधिक है।
विज्ञापन
कई सामग्री के बिल और दस्तावेज भी नहीं मिले। करीब छह घंटे तक चली जांच में टीम को करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की आशंका है। टीम जरूरी दस्तावेज और स्टॉक संबंधी कागजात जब्त कर फर्म संचालक को पूछताछ के लिए साथ ले गई।
इसके बाद टीम सदर रोड स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के सेंटर पर पहुंची। यहां भी करीब पांच घंटे तक बिल बाउचर और बिल्टियों की जांच की गई। पान मसाला कारोबारी की फर्म में आने-जाने वाले माल से संबंधित बिल्टियों का मिलान किया गया। जांच के दौरान कुछ गड़बड़ियां मिलने की बात सामने आ रही है। टीम ने ट्रांसपोर्ट से जुड़े कई दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।
ट्रांसपोर्ट संचालक सुनील द्विवेदी ने बताया कि उनके यहां सेंट्रल जीएसटी की टीम जांच करने आई थी। शंकर बाजार और बल्दाऊगंज की फर्मों से संबंधित बिल्टियों की जांच की गई है। वहीं शंकर बाजार स्थित एक अन्य ट्रांसपोर्ट पर भी टीम के पहुंचने की चर्चा रही।
इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर जीएसटी विक्रम अजीत ने बताया कि सेंट्रल जीएसटी और डीजीजीआई की टीम ने आकर जांच-पड़ताल की है। स्थानीय जीएसटी विभाग को इसकी सूचना नहीं दी गई थी।
बताया जा रहा है कि फर्म का ज्यादातर कच्चा माल और तैयार माल ट्रांसपोर्ट के जरिए ही आता-जाता था। बिना बिल के माल की सप्लाई और फर्जी बिल्टियों के जरिए जीएसटी चोरी का खेल चल रहा था। टीम अब जब्त दस्तावेजों के आधार पर टैक्स चोरी का आकलन करेगी। प्रारंभिक जांच में करोड़ों के टर्नओवर को छुपाने की बात सामने आ रही है।
छापा मारी की खबर से कर्वी के अन्य ट्रांसपोर्टरों और पान मसाला कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कई फर्मों ने दिनभर अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
विज्ञापन
करीब 10 वाहनों से आई टीम ने शहर के कई ट्रांसपोर्टरों और पान मसाला कारोबारी की फर्म पर एक साथ कार्रवाई की। दिनभर चली जांच से कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा।
यह कार्रवाई पिछले महीने पान मसाला कारोबारी पर हुई छापा मारी से जुड़ी है। तब जांच के दौरान ट्रांसपोर्ट से संबंधित कुछ बिल्टी और दस्तावेज टीम के हाथ लगे थे। उसी आधार पर शुक्रवार को सेंट्रल टीम ने दोबारा कर्वी में डेरा डाला।
विज्ञापन
टीम सबसे पहले बल्दाऊगंज स्थित पान मसाला कारोबार से जुड़ी एक फर्म पर पहुंची। वहां टीम ने 2018 से अब तक के कारोबार, जीएसटी रिटर्न और स्टॉक का मिलान किया। सूत्रों के अनुसार मौके पर बड़ी मात्रा में तैयार पान मसाला, विभिन्न कंपनियों के रैपर, पैकिंग मशीनें और कच्चा माल मिला। जांच में सामने आया कि फर्म में बिक्री कम दिखाई गई है, जबकि स्टॉक कहीं अधिक है।
विज्ञापन
कई सामग्री के बिल और दस्तावेज भी नहीं मिले। करीब छह घंटे तक चली जांच में टीम को करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की आशंका है। टीम जरूरी दस्तावेज और स्टॉक संबंधी कागजात जब्त कर फर्म संचालक को पूछताछ के लिए साथ ले गई।
इसके बाद टीम सदर रोड स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के सेंटर पर पहुंची। यहां भी करीब पांच घंटे तक बिल बाउचर और बिल्टियों की जांच की गई। पान मसाला कारोबारी की फर्म में आने-जाने वाले माल से संबंधित बिल्टियों का मिलान किया गया। जांच के दौरान कुछ गड़बड़ियां मिलने की बात सामने आ रही है। टीम ने ट्रांसपोर्ट से जुड़े कई दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।
ट्रांसपोर्ट संचालक सुनील द्विवेदी ने बताया कि उनके यहां सेंट्रल जीएसटी की टीम जांच करने आई थी। शंकर बाजार और बल्दाऊगंज की फर्मों से संबंधित बिल्टियों की जांच की गई है। वहीं शंकर बाजार स्थित एक अन्य ट्रांसपोर्ट पर भी टीम के पहुंचने की चर्चा रही।
इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर जीएसटी विक्रम अजीत ने बताया कि सेंट्रल जीएसटी और डीजीजीआई की टीम ने आकर जांच-पड़ताल की है। स्थानीय जीएसटी विभाग को इसकी सूचना नहीं दी गई थी।
बताया जा रहा है कि फर्म का ज्यादातर कच्चा माल और तैयार माल ट्रांसपोर्ट के जरिए ही आता-जाता था। बिना बिल के माल की सप्लाई और फर्जी बिल्टियों के जरिए जीएसटी चोरी का खेल चल रहा था। टीम अब जब्त दस्तावेजों के आधार पर टैक्स चोरी का आकलन करेगी। प्रारंभिक जांच में करोड़ों के टर्नओवर को छुपाने की बात सामने आ रही है।
छापा मारी की खबर से कर्वी के अन्य ट्रांसपोर्टरों और पान मसाला कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कई फर्मों ने दिनभर अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।