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डाली गिट्टी-मिट्टी, हो गई ‘छुट्टी’
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Sun, 31 May 2015 11:51 PM IST
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गोला बाजार और आसपास के मोहल्लों में लंबे अरसे बाद बनी सड़कों को पाइपलाइन डालने के लिए फिर खोद दिया गया। जलनिगम ने पाइप लाइन तो डलवा दी लेकिन सड़कें नहीं बनवाईं। रोड पर कंकड़-पत्थर, मिट्टी डले होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
मुख्यालय के गोला बाजार, लक्ष्मणपुरी आदि मोहल्लों में जल निगम ने जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन डालने को गड्ढे खोदे और फिर इनको जैसे तैसे भरवा दिया। अब हाल ये है कि अक्सर लोग गिरकर चुटहिल होते हैं। सामने से दूसरा वाहन आने पर आवागमन बाधित हो जाता है। लोगों का कहना है कि जब सड़क की खुदाई हो रही थी तो संबंधित ठेकेदार और अन्य लोगों ने सड़क बाद में ठीक कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन सड़क बनवाने के नाम पर सिर्फ मिट्टी और गिट्टी-पत्थर डालकर इतिश्री कर ली। लोगों ने सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग की है।
पालिका को पत्र दिया था
इस संबंध में जल निगम के प्रबंधक रामबिहारी ने बताया कि उन्होंने इस काम के लिए संबंधित विभागीय पत्र नगर पालिका को दिया था। कहा कि अभी शहर में पाइपलाइन डाली जा रहीं हैं। इस काम के पूरे होने के बाद सड़कों का निर्माण भी कराया जाएगा। अभी सड़कें बनवाएंगे तो धंसने का खतरा है, बरसात से पहले बनवा दी जाएंगी। हर काम के पहले विभाग द्वारा अनुमति ली जाती है।
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पूर्व के काम में रिपोर्ट दर्ज करा सकते
पालिका ईओ लालचंद्र सरोज ने बताया कि उनको जल निगम से लिखित पत्र मिला था। इस पर उन्होंने विभाग को बोर्ड की बैठक के बाद ही फैसला लिए जाने की बात कही थी। शनिवार को बोर्ड की बैठक में पाइपलाइन का काम जनहित में मानते हुए सहमति बनी कि ठेकेदार से दस फीसदी राशि पालिका में जमा कराने के बाद सड़क की खुदाई की मंजूरी दी जाए, जिससे बाद में ठेकेदार सड़क बनाने को बाध्य रहे। कहा कि पहले बिना अनुमति के की गई खुदाई पर ठेकेदार पर एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
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मुख्यालय के गोला बाजार, लक्ष्मणपुरी आदि मोहल्लों में जल निगम ने जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन डालने को गड्ढे खोदे और फिर इनको जैसे तैसे भरवा दिया। अब हाल ये है कि अक्सर लोग गिरकर चुटहिल होते हैं। सामने से दूसरा वाहन आने पर आवागमन बाधित हो जाता है। लोगों का कहना है कि जब सड़क की खुदाई हो रही थी तो संबंधित ठेकेदार और अन्य लोगों ने सड़क बाद में ठीक कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन सड़क बनवाने के नाम पर सिर्फ मिट्टी और गिट्टी-पत्थर डालकर इतिश्री कर ली। लोगों ने सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग की है।
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पालिका को पत्र दिया था
इस संबंध में जल निगम के प्रबंधक रामबिहारी ने बताया कि उन्होंने इस काम के लिए संबंधित विभागीय पत्र नगर पालिका को दिया था। कहा कि अभी शहर में पाइपलाइन डाली जा रहीं हैं। इस काम के पूरे होने के बाद सड़कों का निर्माण भी कराया जाएगा। अभी सड़कें बनवाएंगे तो धंसने का खतरा है, बरसात से पहले बनवा दी जाएंगी। हर काम के पहले विभाग द्वारा अनुमति ली जाती है।
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पूर्व के काम में रिपोर्ट दर्ज करा सकते
पालिका ईओ लालचंद्र सरोज ने बताया कि उनको जल निगम से लिखित पत्र मिला था। इस पर उन्होंने विभाग को बोर्ड की बैठक के बाद ही फैसला लिए जाने की बात कही थी। शनिवार को बोर्ड की बैठक में पाइपलाइन का काम जनहित में मानते हुए सहमति बनी कि ठेकेदार से दस फीसदी राशि पालिका में जमा कराने के बाद सड़क की खुदाई की मंजूरी दी जाए, जिससे बाद में ठेकेदार सड़क बनाने को बाध्य रहे। कहा कि पहले बिना अनुमति के की गई खुदाई पर ठेकेदार पर एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।