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खेती के साथ पशुपालन को बढ़ावा दें
ब्यूरो, अमर उजाला चित्रकूट
Updated Wed, 06 Jan 2016 11:25 PM IST
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केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने
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बुधवार को दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित तुलसी विज्ञान केंद्र गनीवां
का अवलोकन किया।
उन्होंने फसल की खराब स्थिति पर चिंता जाहिर की। कहा कि किसानों को खेती के साथ- साथ पशुपालन पर भी जोर देना चाहिए। राज्य मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में बकरी पालन व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
साथ ही पशुओं के आहार के लिए पौष्टिक चारा सहजन का रोपण करके हरा चारा उगाया जाए। यह कम पानी की स्थिति में ही पैदा हो सकता है।
युवाओं को रोजगार देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में मशरूम की इकाई स्थापित करके उन्हें प्रशिक्षित करने के क्षेत्र में कार्य करने की बात कही। लघु एंव कुटीर उद्योगों की स्थापना करके आय सर्जन की व्यवस्था करने की बात कही गयी। इस दौरान मंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्र में मछली पालन इकाई का भ्रमण किया।
कहा कि इस क्षेत्र में मत्स्य पालन कर कम अवधि एंव कम आहार में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। राज्य मंत्री ने सभी प्रकल्पों व इकाईयों का अवलोकन किया। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डा. नरेंद्र सिंह सहित सभी वैज्ञानिक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उन्होंने फसल की खराब स्थिति पर चिंता जाहिर की। कहा कि किसानों को खेती के साथ- साथ पशुपालन पर भी जोर देना चाहिए। राज्य मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में बकरी पालन व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
साथ ही पशुओं के आहार के लिए पौष्टिक चारा सहजन का रोपण करके हरा चारा उगाया जाए। यह कम पानी की स्थिति में ही पैदा हो सकता है।
युवाओं को रोजगार देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में मशरूम की इकाई स्थापित करके उन्हें प्रशिक्षित करने के क्षेत्र में कार्य करने की बात कही। लघु एंव कुटीर उद्योगों की स्थापना करके आय सर्जन की व्यवस्था करने की बात कही गयी। इस दौरान मंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्र में मछली पालन इकाई का भ्रमण किया।
कहा कि इस क्षेत्र में मत्स्य पालन कर कम अवधि एंव कम आहार में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। राज्य मंत्री ने सभी प्रकल्पों व इकाईयों का अवलोकन किया। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डा. नरेंद्र सिंह सहित सभी वैज्ञानिक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।