चित्रकूट। रमजानुल मुबारक का पाक महीना रमजान की शुरुआत हो गई है। रहमत व बरकत के इस पर्व में कोरोना की काली छाया पड़ी है, जिससे रोजेदार मस्जिदों में नमाज अदा करने नहीं पहुंच पाए। रोजेदारों ने पूरे संसार से इस बीमारी से सबको बचाने की दुआएं मांगी। मुस्लिमों ने शनिवार से रोजा की शुरुआत किया। पहली बार इस मुबारक माह में रोजेदार मस्जिदों में नमाज और तरावीह जैसी इबादत नहीं कर पायेंगे। पहला रोजा शनिवार की सुबह 4 बजकर 11 मिनट पर शुरू हुआ। सूरज ढलने के वक्त शाम 6 बजकर 36 मिनट पर इफ्तार हुआ।
शहर के हबीब खान ने कहा कि दिलों में रखके हमदर्दी सामाजिक फासला रखना, कोरोना जानलेवा है मगर तुम हौसला रखना। किसी को दोष मत देना ये कर्मों की सजा- ए है, महामारी से बचना और घरों को घोसला रखना। रमजान त्योहार पर मुस्लिम समाज के वृद्ध, युवा सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने परंपरागत तरीके से रोजे की शुरुआत की । हालांकि इस बार क ोराना वायरस के कारण पहले ही दिन से सब कुछ बदला बदला सा नजर आया। शहर के जामा मस्जिद, नूरानी मस्जिद व कजियाना मस्जिद में सामूहिक नमाज पढ़ने के लिए रोजेदार नहीं पहुंचे। सहरी व तरावीह से लेकर इफ्तार सब कुछ घर पर ही किया। हाफिज मुजीबुर्रहमान व शहर काजी मो. सरफराज ने बताया कि विश्व में अमन चैन बना रहे है, इसके लिए मुस्लिमों ने दुआएं मांगी। अधिकारियों ने मुस्लिम बस्ती में पानी, बिजली की व्यवस्था के लिए निरीक्षण किया।