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मंदाकिनी में प्रदूषण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका मंजूर
मंदाकिनी में प्रदूषण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका मंजूर
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:18 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ नगर पालिका के कुछ सभासदों द्वारा हाईकोर्ट में दाखिल रिट याचिका स्वीकार कर ली गई है। यह दावा करते हुए सभासदों ने बताया मामले में प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, जिलाधिकारी चित्रकूट, उपजिलाधिकारी चित्रकूट, जलसंस्थान व सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता और ईओ नगर पालिका कर्वी को पक्षकार बनाया गया है।
शहर के रामकृपा होटल में रविवार की दोपहर दो बजे नगरपालिका परिषद कर्वी के सभासद सुशील श्रीवास्तव, अनुज निगम, लवकुश यादव, पूर्व सभासद जवाहर सोनी, जितेंद्र धतुरहा व विनय कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मंदाकिनी नदी में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ धरना अनशन करने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई। जिससे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर अधिवक्ता मनीष श्रीवास्तव ने बहस की और जज गोविंद माथुर और अशोक कुमार ने सुनवाई के बाद 18 सितंबर को प्रतिपक्षीगणों से जवाब मांगा है। पत्रकारों के सवाल पर सभासदोें ने कहा कि मंदाकिनी नदी में गंदगी फैलाने से रोकने के लिए शहर में धरना प्रदर्शन व अनशन किया गया था। सभासदों ने कहा गंदगी के कारण घरों में प्रदूषित पानी की आपूर्ति हो रही थी। दावा किया कि जिस पर एसडीएम की रिपोर्ट के अनुसार नदी में गंदगी जा रही है। सभासदों ने यह भी आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए याचिका स्वीकार होने के बाद कुछ लोग उन्हें पुलिस के माध्यम से धमकी दे रहे हैं। उन्हें हिस्ट्रीशीटर बनाने की तैयारी कराई जा रही है। कुछ सहयोगियों पर फर्जी तरीके से मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं।
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ नगर पालिका के कुछ सभासदों द्वारा हाईकोर्ट में दाखिल रिट याचिका स्वीकार कर ली गई है। यह दावा करते हुए सभासदों ने बताया मामले में प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, जिलाधिकारी चित्रकूट, उपजिलाधिकारी चित्रकूट, जलसंस्थान व सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता और ईओ नगर पालिका कर्वी को पक्षकार बनाया गया है।
शहर के रामकृपा होटल में रविवार की दोपहर दो बजे नगरपालिका परिषद कर्वी के सभासद सुशील श्रीवास्तव, अनुज निगम, लवकुश यादव, पूर्व सभासद जवाहर सोनी, जितेंद्र धतुरहा व विनय कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मंदाकिनी नदी में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ धरना अनशन करने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई। जिससे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर अधिवक्ता मनीष श्रीवास्तव ने बहस की और जज गोविंद माथुर और अशोक कुमार ने सुनवाई के बाद 18 सितंबर को प्रतिपक्षीगणों से जवाब मांगा है। पत्रकारों के सवाल पर सभासदोें ने कहा कि मंदाकिनी नदी में गंदगी फैलाने से रोकने के लिए शहर में धरना प्रदर्शन व अनशन किया गया था। सभासदों ने कहा गंदगी के कारण घरों में प्रदूषित पानी की आपूर्ति हो रही थी। दावा किया कि जिस पर एसडीएम की रिपोर्ट के अनुसार नदी में गंदगी जा रही है। सभासदों ने यह भी आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए याचिका स्वीकार होने के बाद कुछ लोग उन्हें पुलिस के माध्यम से धमकी दे रहे हैं। उन्हें हिस्ट्रीशीटर बनाने की तैयारी कराई जा रही है। कुछ सहयोगियों पर फर्जी तरीके से मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं।
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