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Chitrakoot News: जिला अस्पताल में आभा पहचान पत्र से पर्चा बनवाने में मरीजों को परेशानी
Fri, 03 Apr 2026 11:27 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 03 Apr 2026 11:27 PM IST
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03 सीकेटीपी-06- आभा आईडी व पर्चा बनवाने के लिए मरीज व तीमारदारों की भीड़। संवाद
चित्रकूट। जिला अस्पताल में आभा पहचान पत्र को बाह्य रोगी विभाग पर्चा से जोड़ने के बाद मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। पर्चा बनवाने के लिए उन्हें घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
रोजाना एक से डेढ़ हजार मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। इनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। इन मरीजों के पास स्मार्ट फोन या अंकीय प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती है। पंजीकरण काउंटर पर आभा पहचान पत्र बनाने की जिम्मेदारी कर्मचारियों पर आ गई है। इससे काम की गति धीमी हो गई है। पहले जहां पर्चा कुछ मिनटों में बनता था, अब इसमें अधिक समय लगता है। मरीजों का कहना है कि यह नई प्रक्रिया उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गई है।
जिम्मेदारों का पक्ष
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि जिन मरीजों का आभा पहचान पत्र नहीं बना है, उनका पर्चा अभी बनाया जा रहा है। हालांकि, आने वाले समय में बिना आभा पहचान पत्र के पर्चा बन पाना संभव नहीं होगा। उन्होंने सभी मरीजों से जल्द अपना आभा पहचान पत्र बनवाने की अपील की है। आभा पहचान पत्र का उद्देश्य मरीजों का पूरा चिकित्सा अभिलेख अंतरजाल पर सुरक्षित रखना है। इससे डॉक्टरों को इलाज में आसानी होगी और पुराने कागजात बार-बार लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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रोजाना एक से डेढ़ हजार मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। इनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। इन मरीजों के पास स्मार्ट फोन या अंकीय प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती है। पंजीकरण काउंटर पर आभा पहचान पत्र बनाने की जिम्मेदारी कर्मचारियों पर आ गई है। इससे काम की गति धीमी हो गई है। पहले जहां पर्चा कुछ मिनटों में बनता था, अब इसमें अधिक समय लगता है। मरीजों का कहना है कि यह नई प्रक्रिया उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गई है।
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जिम्मेदारों का पक्ष
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि जिन मरीजों का आभा पहचान पत्र नहीं बना है, उनका पर्चा अभी बनाया जा रहा है। हालांकि, आने वाले समय में बिना आभा पहचान पत्र के पर्चा बन पाना संभव नहीं होगा। उन्होंने सभी मरीजों से जल्द अपना आभा पहचान पत्र बनवाने की अपील की है। आभा पहचान पत्र का उद्देश्य मरीजों का पूरा चिकित्सा अभिलेख अंतरजाल पर सुरक्षित रखना है। इससे डॉक्टरों को इलाज में आसानी होगी और पुराने कागजात बार-बार लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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