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वन क्षेत्र के लोगों में नानाजी ने जगाई चेतना-ललिता यादव
ब्यूरो, अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:18 AM IST
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शरदोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम के पहले डीआरआई में चल रहे शरदोत्सव का विधिवत समापन मध्य प्रदेश सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री ललिता यादव ने किया। उन्होंने कहा कि नानाजी ने वन क्षेत्र में रहने वालों को जागृत करने का प्रयास किया है। इससे आज कई गांव विकास के रास्ते में हैं।
सुरेन्द्रपाल ग्रामोदय विद्यालय परिसर में सोमवार को शरदोत्सव की समापन संध्या पर महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि नानाजी ने भगवान राम की तपोस्थली एवं वन क्षेत्र में रहने वालों में चेतना जगाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उनकी ऊर्जा और प्रेरणा से उनके बताये मार्ग पर क्षेत्र का उत्थान किया जा सकता है। इस मौके पर पुरानी लंका के रामकृष्ण दास वेदांत महाराज, वेदांती आश्रम के महंत रामकृष्ण दास महाराज, आचार्य आश्रम नया गांव के युवराज स्वामी बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज, रामानंद आश्रम के महंत बलराम दास, डा. बीके जैन ने विचार रखे।
तीन दिवसीय शरदोत्सव समारोह में लोगों का आभार प्रकट करते हुए दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव डा. अशोक पांडेय ने कहा कि शरदोत्सव से देश की लोक संस्कृति, लोककलाओं और अन्य लोक विधाओं को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाता है। इस मौके पर संस्थान के प्रमुख सचिव अभय महाजन भी मौजूद रहे।
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सुरेन्द्रपाल ग्रामोदय विद्यालय परिसर में सोमवार को शरदोत्सव की समापन संध्या पर महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि नानाजी ने भगवान राम की तपोस्थली एवं वन क्षेत्र में रहने वालों में चेतना जगाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उनकी ऊर्जा और प्रेरणा से उनके बताये मार्ग पर क्षेत्र का उत्थान किया जा सकता है। इस मौके पर पुरानी लंका के रामकृष्ण दास वेदांत महाराज, वेदांती आश्रम के महंत रामकृष्ण दास महाराज, आचार्य आश्रम नया गांव के युवराज स्वामी बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज, रामानंद आश्रम के महंत बलराम दास, डा. बीके जैन ने विचार रखे।
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तीन दिवसीय शरदोत्सव समारोह में लोगों का आभार प्रकट करते हुए दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव डा. अशोक पांडेय ने कहा कि शरदोत्सव से देश की लोक संस्कृति, लोककलाओं और अन्य लोक विधाओं को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाता है। इस मौके पर संस्थान के प्रमुख सचिव अभय महाजन भी मौजूद रहे।
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