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Chitrakoot News: ट्रायल में नहीं आया एक भी खिलाड़ी
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चित्रकूट। बांदा और चित्रकूट स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए खिलाड़ी नहीं मिले। दोनों जगह 30 मई को ट्राॅयल ट्रायल होना था, लेकिन इसमें एक भी खिलाड़ी नहीं आया। इसके लिए पुराने खिलाड़ियों ने स्टेडियम के जिम्मेदारों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
झांसी के स्पोर्ट्स स्टेडियम में तीन जून से छह जून तक बालक और बालिकाओं की अंडर-17 प्रदेश स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता होनी है। इसके लिए चित्रकूटधाम मंडल के स्टेडियमों में 30 मई को ट्रायल होना था। बांदा और चित्रकूट स्टेडियम में एक भी खिलाड़ी ट्राॅयल देने नहीं आए। चित्रकूट के खिलाड़ी मो. अख्तर और राजेश पांडेय ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला स्टेडियम के जिम्मेदारों की लापरवाही का ही नतीजा है। सरकार खेलो इंडिया कार्यक्रम में बजट भी दे रही है। चित्रकूट स्टेडियम में बाक्सिंग के लिए सारी सामग्री भी दी गई है। इसके बाद भी एक भी प्रतिभागी का ट्राॅयल देने न आना खेदजनक है। इसके लिए पहले से व्यापक प्रचार प्रसार भी नहीं किया गया। अब ट्रायल की तारीख खत्म हो गई है। खेलो इंडिया योजना को बढ़ावा देने के लिए सरकार भरपूर बजट व सहयोग कर रही है, लेकिन खिलाड़ी नहीं मिल रहे हैं।
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी भानू प्रसाद ने कहा कि ट्राॅयल के लिए प्रचार प्रसार किया गया। स्टेडियम में बॉक्सिंग की सामग्री भी है, लेकिन बांदा व चित्रकूट जिले में एक भी खिलाड़ी ट्राॅयल देने ही नहीं आया। अभी इसका कोई अलग से कोच भी नहीं है।
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झांसी के स्पोर्ट्स स्टेडियम में तीन जून से छह जून तक बालक और बालिकाओं की अंडर-17 प्रदेश स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता होनी है। इसके लिए चित्रकूटधाम मंडल के स्टेडियमों में 30 मई को ट्रायल होना था। बांदा और चित्रकूट स्टेडियम में एक भी खिलाड़ी ट्राॅयल देने नहीं आए। चित्रकूट के खिलाड़ी मो. अख्तर और राजेश पांडेय ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला स्टेडियम के जिम्मेदारों की लापरवाही का ही नतीजा है। सरकार खेलो इंडिया कार्यक्रम में बजट भी दे रही है। चित्रकूट स्टेडियम में बाक्सिंग के लिए सारी सामग्री भी दी गई है। इसके बाद भी एक भी प्रतिभागी का ट्राॅयल देने न आना खेदजनक है। इसके लिए पहले से व्यापक प्रचार प्रसार भी नहीं किया गया। अब ट्रायल की तारीख खत्म हो गई है। खेलो इंडिया योजना को बढ़ावा देने के लिए सरकार भरपूर बजट व सहयोग कर रही है, लेकिन खिलाड़ी नहीं मिल रहे हैं।
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क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी भानू प्रसाद ने कहा कि ट्राॅयल के लिए प्रचार प्रसार किया गया। स्टेडियम में बॉक्सिंग की सामग्री भी है, लेकिन बांदा व चित्रकूट जिले में एक भी खिलाड़ी ट्राॅयल देने ही नहीं आया। अभी इसका कोई अलग से कोच भी नहीं है।
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