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Chitrakoot News: पंडालों में नहीं सुरक्षा, ऊपर करंट, नीचे भीड़
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फोटो: 18 सीकेटीपी 10 शंकर बाजार में पंडाल के ऊपर से गुजरी बिजली की तार। संवाद
चित्रकूट। नवरात्र पर मां दुर्गा के पंडाल झालरों से जगमगा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर सब कुछ भगवान भरोसे है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शहर के प्रमुख पंडालों की हकीकत परखी तो बड़ी लापरवाही मिली। कहीं पंडाल में बिजली के तार झूल रहे हैं, तो कहीं ट्रांसफार्मर के पास भक्त आरती कर रहे हैं। हालात यह हैं कि आग लगे तो बुझाने के लिए एक सिलिंडर तक नहीं है।
दरअसल, कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ मचने से 17 लोगों की जान चली गई, 25 घायल हुए। लेकिन वहां पर सुरक्षा के तनिक भी इंतजाम नहीं थे। उधर, शहर में सजे पंडालों में नियम के अनुसार हर पंडाल में फायर सिलिंडर, रेत की बाल्टी, प्राथमिक उपचार किट, सीसीटीवी और प्रवेश-निकास के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। कर्वी कोतवाली, मऊ, मानिकपुर और राजापुर क्षेत्र के कई पंडालों में यही स्थिति मिली। त्योहार से पहले पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम को सभी पंडालों का निरीक्षण करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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केस-1
फॉल्ट होने पर करंट फैल सकता
फोटो: 18 सीकेटीपी 09 सदर मार्ग पर स्थापित दुर्गा पंडाल के ऊपर से गुजरी बिजली की तारें। संवाद
सदर मार्ग पर स्थापित दुर्गा पंडाल के ऊपर से बिजली की तारें निकली हैं। बिजली के खंभे में बॉक्स भी लगा है, जो खुला हुआ है। फॉल्ट होने पर करंट पूरे पंडाल में फैल सकता है। यहां आग बुझाने के भी कोई इंतजाम नहीं हैं। आरती के समय बैरियर लगाकर धनुष चौराहा से एलआईसी तिराहा की ओर जाने वाला एक तरफ का मार्ग बंद कर दिया जाता है, लेकिन कोई पुलिस बल नहीं रहता।
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फायर सिस्टम के कोई इंतजाम नहीं
शंकर बाजार में स्थापित मां दुर्गा पंडाल का भी यही हाल है। पंडाल के ऊपर से बिजली की तार गुजरी है। पंडाल स्थापित करते समय इसका ध्यान नहीं दिया गया। यह लापरवाही लोगों के लिए जान का खतरा बनी हुई है। इसके नीचे सुबह-शाम आरती के समय सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं। यहां फायर सिस्टम के कोई इंतजाम नहीं हैं।
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ट्रांसफार्मर के बगल में लगा पंडाल
शंकर बाजार में ट्रांसफार्मर के बगल में मां दुर्गा का पंडाल स्थापित है। जहां दिनभर भक्तों का आना-जाना बना रहता है। कभी भी दुर्घटना हो सकती है। पंडाल बनने के बाद से फायर ब्रिगेड व पुलिस के जवान देखने तक नहीं पहुंचे हैं।
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वर्जन
बिजली व फायर ब्रिगेड को सभी पंडालों की जांच करने के लिए कहा गया है। अनुमति के समय भी दोनों विभागों को जांच के बाद ही पंडाल बनाने के निर्देश दिए गए थे। बिजली तारों के नीचे पंडाल बने हैं, इसकी जानकारी नहीं है। विभागों से जानकारी ली जाएगी।-अजय यादव, एसडीएम-सदर।
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-पंडाल स्थापित करते समय आयोजकों को फायर सिलिंडर, बाल्टी में बालू व ड्रम में पानी भरने के लिए कहा गया था। कई जगहों पर रखे भी हैं। जहां नहीं हैं, उनके आयोजकों को रखने के लिए कहा जाएगा। पंडालों में जाकर लोगों को आग से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।- पवन त्यागी, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी।
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दरअसल, कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ मचने से 17 लोगों की जान चली गई, 25 घायल हुए। लेकिन वहां पर सुरक्षा के तनिक भी इंतजाम नहीं थे। उधर, शहर में सजे पंडालों में नियम के अनुसार हर पंडाल में फायर सिलिंडर, रेत की बाल्टी, प्राथमिक उपचार किट, सीसीटीवी और प्रवेश-निकास के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। कर्वी कोतवाली, मऊ, मानिकपुर और राजापुर क्षेत्र के कई पंडालों में यही स्थिति मिली। त्योहार से पहले पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम को सभी पंडालों का निरीक्षण करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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केस-1
फॉल्ट होने पर करंट फैल सकता
फोटो: 18 सीकेटीपी 09 सदर मार्ग पर स्थापित दुर्गा पंडाल के ऊपर से गुजरी बिजली की तारें। संवाद
सदर मार्ग पर स्थापित दुर्गा पंडाल के ऊपर से बिजली की तारें निकली हैं। बिजली के खंभे में बॉक्स भी लगा है, जो खुला हुआ है। फॉल्ट होने पर करंट पूरे पंडाल में फैल सकता है। यहां आग बुझाने के भी कोई इंतजाम नहीं हैं। आरती के समय बैरियर लगाकर धनुष चौराहा से एलआईसी तिराहा की ओर जाने वाला एक तरफ का मार्ग बंद कर दिया जाता है, लेकिन कोई पुलिस बल नहीं रहता।
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फायर सिस्टम के कोई इंतजाम नहीं
शंकर बाजार में स्थापित मां दुर्गा पंडाल का भी यही हाल है। पंडाल के ऊपर से बिजली की तार गुजरी है। पंडाल स्थापित करते समय इसका ध्यान नहीं दिया गया। यह लापरवाही लोगों के लिए जान का खतरा बनी हुई है। इसके नीचे सुबह-शाम आरती के समय सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं। यहां फायर सिस्टम के कोई इंतजाम नहीं हैं।
ट्रांसफार्मर के बगल में लगा पंडाल
शंकर बाजार में ट्रांसफार्मर के बगल में मां दुर्गा का पंडाल स्थापित है। जहां दिनभर भक्तों का आना-जाना बना रहता है। कभी भी दुर्घटना हो सकती है। पंडाल बनने के बाद से फायर ब्रिगेड व पुलिस के जवान देखने तक नहीं पहुंचे हैं।
वर्जन
बिजली व फायर ब्रिगेड को सभी पंडालों की जांच करने के लिए कहा गया है। अनुमति के समय भी दोनों विभागों को जांच के बाद ही पंडाल बनाने के निर्देश दिए गए थे। बिजली तारों के नीचे पंडाल बने हैं, इसकी जानकारी नहीं है। विभागों से जानकारी ली जाएगी।-अजय यादव, एसडीएम-सदर।
-पंडाल स्थापित करते समय आयोजकों को फायर सिलिंडर, बाल्टी में बालू व ड्रम में पानी भरने के लिए कहा गया था। कई जगहों पर रखे भी हैं। जहां नहीं हैं, उनके आयोजकों को रखने के लिए कहा जाएगा। पंडालों में जाकर लोगों को आग से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।- पवन त्यागी, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी।

फोटो: 18 सीकेटीपी 10 शंकर बाजार में पंडाल के ऊपर से गुजरी बिजली की तार। संवाद

फोटो: 18 सीकेटीपी 10 शंकर बाजार में पंडाल के ऊपर से गुजरी बिजली की तार। संवाद