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Chitrakoot News: निखत हुई रिहा, ड्राइवर अभी भी जेल में बंद
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चित्रकूट। माफिया मुख्तार अंसारी की बहू व विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निखत बानो की जमानत के बाद जेल से रिहाई के बाद अब इस मामले में एक आरोपी ही चित्रकूट जेल में है। 11 आरोपियों में तीन की जमानत हो चुकी है। छह आरोपी लखनऊ और एक आरोपी कासगंज जेल में बंद हैं। निखत की रिहाई देर रात होने के पीछे कारण यह बताया गया कि उसके परिजन देरी में आए थे, जबकि कागजात गुरुवार की शाम से पहले ही आ गए थे।
जिला जेल में 11 फरवरी से बंद निखत बानो को 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 188 दिन बाद 17 अगस्त की रात लगभग नौ बजकर 56 मिनट पर छोड़ा गया। जेल मैनुअल के अनुसार महिला बंदी को रिहाई के दौरान उनके परिजनों को ही सौंपा जाता है। ऐसे में उसकी भाभी व भाई के आने पर रात को छोडा गया। हाई प्रोफाइल मामला होने पर पुलिस सुरक्षा में उसे प्रयागराज जिले की सीमा तक कोतवाली पुलिस टीम छोड़ने गई थी। अब चित्रकूट जेल में उसके साथ पकड़ा गया वाहन चालक नियाज अंसारी अभी बंद है। उसकी जमानत अभी नहीं हुई है।
चित्रकूट जेल में बंद विधायक अब्बास अंसारी से मिलने के लिए उसकी पत्नी निखत बानो ने अपने चालक नियाज, स्थानीय सपा नेता फराज खान व कैंटीन ठेकेदार नवनीत सचान की मदद से जेल के अधिकारियों को धन व गिफ्ट से प्रभावित किया। गैर कानूनी तरीके से जेल में लगभग 46 दिनों तक पति से मिलने निखत जाती रही। 10 फरवरी को डीएम अभिषेक आनंद व एसपी वृंदा शुक्ला ने मुखबिर की सूचना पर छापेमारी कर निखत को जेल अधिकारी के कक्ष में पकड़ा था। उस पर कई गंभीर आरोपों के तहत रिपोर्ट दर्ज कर 11 फरवरी को जेल भेजा गया था।
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इस मामले में जेल अधीक्षक अशोक सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला व वार्डर जगमोहन समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें निखत व नियाज चित्रकूट जेल में रहे। विधायक अब्बास अंसारी कासगंज जेल में है। अन्य 8 लखनऊ जेल में रहे। इस मामले में अब तक निखत के अलावा सपा नेता फराज व कैंटीन ठेकेदार नवनीत की जमानत हो चुकी है।
जेल से बाहर आते ही बेटे को दुलारा
जिला जेल से गुरुवार की रात लगभग नौ बजकर 56 मिनट पर निखत जेल गेट से बाहर निकली। कुछ दूर पर मौजूद उसके भाई और भाभी के पास उसका एक साल का पुत्र भी था। उसने बेटे को उठाकर सीने से लगा लिया। वह बच्चे को दुलारती हुई कार में बैठ गई। सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी जमानत इसी मानवता के आधार पर मंजूर की है कि उसका एक साल का बेटा है। उसके जेल से जाने के बाद जेल अधिकारी व कर्मचारी राहत महसूस कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामला हाईफाई होने से आए दिन अतिरिक्त सुरक्षा रखनी पड़ती थी। उसकी सुरक्षा के लिए अलग से छह कर्मचारी लगे थे।
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जिला जेल में 11 फरवरी से बंद निखत बानो को 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 188 दिन बाद 17 अगस्त की रात लगभग नौ बजकर 56 मिनट पर छोड़ा गया। जेल मैनुअल के अनुसार महिला बंदी को रिहाई के दौरान उनके परिजनों को ही सौंपा जाता है। ऐसे में उसकी भाभी व भाई के आने पर रात को छोडा गया। हाई प्रोफाइल मामला होने पर पुलिस सुरक्षा में उसे प्रयागराज जिले की सीमा तक कोतवाली पुलिस टीम छोड़ने गई थी। अब चित्रकूट जेल में उसके साथ पकड़ा गया वाहन चालक नियाज अंसारी अभी बंद है। उसकी जमानत अभी नहीं हुई है।
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चित्रकूट जेल में बंद विधायक अब्बास अंसारी से मिलने के लिए उसकी पत्नी निखत बानो ने अपने चालक नियाज, स्थानीय सपा नेता फराज खान व कैंटीन ठेकेदार नवनीत सचान की मदद से जेल के अधिकारियों को धन व गिफ्ट से प्रभावित किया। गैर कानूनी तरीके से जेल में लगभग 46 दिनों तक पति से मिलने निखत जाती रही। 10 फरवरी को डीएम अभिषेक आनंद व एसपी वृंदा शुक्ला ने मुखबिर की सूचना पर छापेमारी कर निखत को जेल अधिकारी के कक्ष में पकड़ा था। उस पर कई गंभीर आरोपों के तहत रिपोर्ट दर्ज कर 11 फरवरी को जेल भेजा गया था।
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इस मामले में जेल अधीक्षक अशोक सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला व वार्डर जगमोहन समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें निखत व नियाज चित्रकूट जेल में रहे। विधायक अब्बास अंसारी कासगंज जेल में है। अन्य 8 लखनऊ जेल में रहे। इस मामले में अब तक निखत के अलावा सपा नेता फराज व कैंटीन ठेकेदार नवनीत की जमानत हो चुकी है।
जेल से बाहर आते ही बेटे को दुलारा
जिला जेल से गुरुवार की रात लगभग नौ बजकर 56 मिनट पर निखत जेल गेट से बाहर निकली। कुछ दूर पर मौजूद उसके भाई और भाभी के पास उसका एक साल का पुत्र भी था। उसने बेटे को उठाकर सीने से लगा लिया। वह बच्चे को दुलारती हुई कार में बैठ गई। सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी जमानत इसी मानवता के आधार पर मंजूर की है कि उसका एक साल का बेटा है। उसके जेल से जाने के बाद जेल अधिकारी व कर्मचारी राहत महसूस कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामला हाईफाई होने से आए दिन अतिरिक्त सुरक्षा रखनी पड़ती थी। उसकी सुरक्षा के लिए अलग से छह कर्मचारी लगे थे।