{"_id":"625473c1e34178553054dc7f","slug":"nadi-demond-pani-chitrakoot-news-knp690666052","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदाकिनी को नर्मदा से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदाकिनी को नर्मदा से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी को बचाने के लिए मझगवां में बांध बनाए जाने की मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा का बुंदेली सेना ने स्वागत किया है। बताया कि वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी। नर्मदा और मंदाकिनी के मिलन से नदी में टेल तक पानी की कभी कमी नहीं रहेगी।
सेना के पदाधिकारियों ने मांग की है कि मध्य प्रदेश का सीवर प्लांट भी जल्द चालू कराया जाए और सती अनुसुइया आश्रम से रामघाट तक नदी की सफाई और खुदाई भी कराई जाए।
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मझगवां के पास 240 करोड़ की लागत से बांध बनाने की घोषणा की है। इस बांध में नर्मदा नदी की धारा को मंदाकिनी में छोड़ा जाएगा। वर्षा जल को संरक्षित करने और नर्मदा नदी को मंदाकिनी में जोड़ने की मांग वर्षों से बुंदेली सेना कर रही है।
विज्ञापन
बांध बनने से मंदाकिनी नदी का अस्तित्व बरकरार रहेगा। साल भर नदी में बहाव रहेगा और राजापुर तक गर्मियों में भी नदी नहीं सूखेगी। अभी गर्मियों में लगभग 20 किमी. मंदाकिनी सूख जाती है।
विज्ञापन
सेना के पदाधिकारियों ने मांग की है कि मध्य प्रदेश का सीवर प्लांट भी जल्द चालू कराया जाए और सती अनुसुइया आश्रम से रामघाट तक नदी की सफाई और खुदाई भी कराई जाए।
विज्ञापन
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मझगवां के पास 240 करोड़ की लागत से बांध बनाने की घोषणा की है। इस बांध में नर्मदा नदी की धारा को मंदाकिनी में छोड़ा जाएगा। वर्षा जल को संरक्षित करने और नर्मदा नदी को मंदाकिनी में जोड़ने की मांग वर्षों से बुंदेली सेना कर रही है।
विज्ञापन
बांध बनने से मंदाकिनी नदी का अस्तित्व बरकरार रहेगा। साल भर नदी में बहाव रहेगा और राजापुर तक गर्मियों में भी नदी नहीं सूखेगी। अभी गर्मियों में लगभग 20 किमी. मंदाकिनी सूख जाती है।