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मंडौर व मवईकला गांव पानी से घिरे
चित्रकूट
Updated Sun, 21 Aug 2016 10:54 PM IST
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परदवां व मंडौर के पास नाव से उतरते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना नदी में उफान से तीन दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हुए है। मंडौर गांव के दो नाबालिग बच्चे यमुना में डूब गये जिनको गांव के लोगों ने बचा लिया। एक की हालत गंभीर होने पर इलाहाबाद रिफर किया गया है जबकि दूसरे को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। तहसीलदार एके सिंह ने बाढ़ प्रभावित गांव का नाव में बैठकर जायजा लिया।
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तीन दिनों से यमुना में आए उफान से मवईकला गांव के चार मजरे टापू बन गए हैं। हजारों बीघे खेती तिल, मूूंग, ज्वार, बाजरा, अरहर नष्ट हो गयी है। मंडौर गांव में यमुना नदी का पानी आने से गांव के बाहर खेल रहे शुभम (7) पुत्र कैलाश व मुकेश (8) पुत्र बच्चा लाल डूब गये। यह देखते ही वहां हड़कंप मच गया।
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आनन-फानन में ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों को पानी से बाहर निकाल लिया। दोनों को बेहोशी अवस्था में सीएचसी में भर्ती कराया गया। शुभम की हालत खराब होने पर इलाहाबाद रिफर कर दिया। मवई कला गंाव में यमुना का पानी घरों में घुसने पर प्रधान रामनरेश निषाद ने अपना समान दूसरे के घरों में रखा।
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घर में पानी भरने से गांव के राजधर का नुकसान हुआ है। तहसीदार एके सिंह ने रविवार को अपने टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का नाव में बैठकर दौरा किया। उन्होेंने पीड़ितों से मिलकर मदद का आश्वासन दिया। बाढ़ प्रभावित गांवों में आधा दर्जन से अधिक नाव का इंतजाम किया गया है।
यमुना नदी से प्रभावित हुए गांवों में मऊ से बरवार रोड में पड़ने वाले गांवों में ताड़ी, दुबारी, वियावल, बसरेही, रेडी, चकरौल, बुसेली, रेडी बुसौली व मऊ से परदवा रोड स्थित तिलौली, मनकुवार, टिकरा बरयारी, परदवा, तनभय गांव अधिक प्रभावित हैं।
कई दिनों तक बारिश व यमुना नदी में बाढ़ के चलते कई गांवों में ग्रामीण बीमार है। मवई कला गांव में बुद्विया, राम प्रसाद, कुम्हरिया, दुल्ला विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हैं। इन्होंने तहसीलदार एके सिंह से इलाज कराने की मांग की।