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चित्रकूट : सांसद और पालिका चेयरमैन समेत 16 को सजा
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फोटो नंबर- 4- कचहरी परिसर में सजा सुनाए जाने के बाद आपस में बातचीत करते भाजपा सांसद आरके सिंह पटेल व
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आवागमन बाधित करने और पुलिस पर पथराव करने के मामले में न्यायालय ने बांदा-चित्रकूट सांसद, नगर पालिकाध्यक्ष और पूर्व विधायक समेत 16 लोगों को एक-एक साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 500-500 रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मामला बसपा शासनकाल के 2009 का है।
सोमवार को अभियोजन अधिकारी सिद्धार्थ आनंद ने बताया कि 16 सितंबर 2009 को तत्कालीन कर्वी कोतवाली प्रभारी चंद्रधर गौड़ ने सपा के धरना प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल के बाद कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया था कि तत्कालीन सपा अब भाजपा सांसद आरके सिंह पटेल, सपा नेताओं के साथ रेलवे ट्रैक पर जाम लगाए थे। बाद में सपा नेताओं ने पटेल तिराहे पर आवागमन बाधित कर दिया। समझाने के दौरान सपा नेताओं ने गालीगलौज करते हुए पुलिस पर पथराव दिया। इसमें कांस्टेबल सुरेश कुमार, मन्ना सिंह, रतन सिंह, शेखर शर्मा, जमुना प्रसाद व शिवलाल आदि घायल हो गए थे।
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पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद सांसद आरके सिंह पटेल, सपा नेता सत्यनारायण पटेल, पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल आदि के विरुद्ध न्यायालय में धारा 147, 332, 353, 336, 323, 504 आईपीसी व धारा 7 क्रिमनल ला एमेंडमेंट एक्ट और 6 संयुक्त प्रांत विशेष शक्ति अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे के दौरान आरोपी राजबहादुर की मृत्यु हो गई थी।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने निर्णय सुनाया। धारा 147, धारा 323 सपठित 149 आईपीसी के तहत दोषसिद्ध होने पर भाजपा सांसद आरके सिंह पटेल, सपा पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल, नगर पालिकाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, सत्यनारायण पटेल, निर्भय सिंहए शक्ति प्रताप सिंह तोमर, भइयालाल यादव, गौरीशंकर मिश्रा, भोलानाथ खंगार, कुबेर पटेल, रामगोपाल केशरवानी, विनय प्रकाश पांडेय, हरीगोपाल उर्फ बबलू, कमल मौर्या, सुनील सिंह व मनोज सिंह को एक-एक वर्ष साधारण कारावास व 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
आरोपी गुलाब खां, महेंद्र गुलाटी व राजेंद्र शुक्ला को धारा 6 संयुक्त प्रांत विशेष व्यक्ति अधिनियम के तहत एक-एक माह के साधारण कारावास से दंडित किया। दोषसिद्ध और सजा के निर्णय के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों को अपील होने तक के लिए जमानत दे दी है।
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सोमवार को अभियोजन अधिकारी सिद्धार्थ आनंद ने बताया कि 16 सितंबर 2009 को तत्कालीन कर्वी कोतवाली प्रभारी चंद्रधर गौड़ ने सपा के धरना प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल के बाद कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें बताया था कि तत्कालीन सपा अब भाजपा सांसद आरके सिंह पटेल, सपा नेताओं के साथ रेलवे ट्रैक पर जाम लगाए थे। बाद में सपा नेताओं ने पटेल तिराहे पर आवागमन बाधित कर दिया। समझाने के दौरान सपा नेताओं ने गालीगलौज करते हुए पुलिस पर पथराव दिया। इसमें कांस्टेबल सुरेश कुमार, मन्ना सिंह, रतन सिंह, शेखर शर्मा, जमुना प्रसाद व शिवलाल आदि घायल हो गए थे।
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पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद सांसद आरके सिंह पटेल, सपा नेता सत्यनारायण पटेल, पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल आदि के विरुद्ध न्यायालय में धारा 147, 332, 353, 336, 323, 504 आईपीसी व धारा 7 क्रिमनल ला एमेंडमेंट एक्ट और 6 संयुक्त प्रांत विशेष शक्ति अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे के दौरान आरोपी राजबहादुर की मृत्यु हो गई थी।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने निर्णय सुनाया। धारा 147, धारा 323 सपठित 149 आईपीसी के तहत दोषसिद्ध होने पर भाजपा सांसद आरके सिंह पटेल, सपा पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल, नगर पालिकाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, सत्यनारायण पटेल, निर्भय सिंहए शक्ति प्रताप सिंह तोमर, भइयालाल यादव, गौरीशंकर मिश्रा, भोलानाथ खंगार, कुबेर पटेल, रामगोपाल केशरवानी, विनय प्रकाश पांडेय, हरीगोपाल उर्फ बबलू, कमल मौर्या, सुनील सिंह व मनोज सिंह को एक-एक वर्ष साधारण कारावास व 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
आरोपी गुलाब खां, महेंद्र गुलाटी व राजेंद्र शुक्ला को धारा 6 संयुक्त प्रांत विशेष व्यक्ति अधिनियम के तहत एक-एक माह के साधारण कारावास से दंडित किया। दोषसिद्ध और सजा के निर्णय के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों को अपील होने तक के लिए जमानत दे दी है।