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Chitrakoot News: खुद के साथ मृत पत्नी की भी पेंशन लेता रहा मोहन

Tue, 18 Nov 2025 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Tue, 18 Nov 2025 11:39 PM IST
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Mohan kept taking pension of his deceased wife along with himself.
चित्रकूट। काेषागार में हुए 43.13 करोड़ के पेंशन घोटाले में नौकरी करने वाले दंपती के खाते में दो करोड़ रुपये आये। हैरत की बात यह है कि पत्नी के निधन के बाद सेवानिवृत पति अपनी पेंशन के संग दिवंगत पत्नी की भी पेंशन लेता रहा। मृत पत्नी के पेंशन खाते को संचालित रखने में विभागीय अधिकारियों की भी भूमिका संदिग्ध रही। इन दोनों के खाते में दो करोड़ रकम भेजी गई। इस रकम को सबने मिलकर बंदरबांट किया।
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17 अक्तूबर को कोषागार विभाग में पेंशनराें के खाते में अवैध रूप से अधिक धन भेजने और विभागीय अधिकारी कर्मचारियों द्वारा उसे पेंशनर व बिचौलियों से मिलकर निकालने का खुलासा हुआ था। जांच में एसआईटी को एक नई जानकारी मिली कि अर्जुनपुर राजापुर निवासी पेंशनर मोहनलाल व उसकी पत्नी विमला दोनोंं सरकारी कर्मचारी थे। पत्नी के निधन के बाद से पति मोहन उसके नाम का खाता विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से संचालित करता रहा और पेंशन की धनराशि उसमें लेता रहा। अपनी पेंशन का अलग खाता खुला था। जांच में सामने आया कि पत्नी के खाते में एक करोड़ 14 लाख 981 रुपये हैं। खुद उसके खाते में 80 लाख 93 हजार रुपये हैं। यह पूरी धनराशि पेंशन के अतिरिक्त उनके खाते में है। मोहन की विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से सांठगांठ थी। उसे पूरे मामले की जानकारी थी और खुद की रुपये निकालकर विभागीय कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ बंदरबांट किया गया। अब पकड़े जाने के बाद आरोपी अदालत से जमानत की गुहार लगा रहा है।
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इसके अलावा बिचौलिया दीपक पांडेय के नित नए कारनामे सामने आ रहे हैं। बताया गया कि यह कई पेंशनरों का मध्यस्थ था। इसके रिश्तेदार दयाराम त्रिपाठी के खाते में अवैध रूप से कोषागार विभाग से आई 19 लाख 32 हजार 360 रुपये की धनराशि मिली है। पेंशनर जेल में है। इसी प्रकार अतर्रा निवासी पेंशनर संतोष मिश्रा के खाते में भी 39 लाख 19 हजार 740 रुपये अवैध रुपये से मिले हैं जो कोषागार विभाग की ओर से भेजे गए हैं।
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एसआईटी जांच अधिकारी सीओ अरविंद वर्मा ने बताया कि इन सबके बिचौलियों व खर्च की गई धनराशि का ब्यौरा एकत्र किया जा रहा है। कई की संपत्ति का ब्यौरा मिल भी गया है। इन लोगों की कोषागार विभाग के कुछ और कर्मचारियों से सांठगांठ साबित होने लगी है।

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तीन की जमानत याचिका खारिज, छह की आज सुनवाई
चित्रकूट। मंगलवार को जेल में बंद इन आरोपी पेंशनरों की जमानत याचिका पर जिला जज कोर्ट में सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि अर्जुनपुर के मोहनलाल, कर्वी के दयाराम त्रिपाठी और अतर्रा के संतोष मिश्रा की जमानत याचिका खारिज हो गई है। एक अन्य पेंशनर भाेलूराम ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में याचिका डाली है। इन तीनों की जमानत पर अदालत ने सुनवाई पर कहा कि मामला गंभीर है अभी इसमें पूरा रिकार्ड सामने होना चाहिए।
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