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माया ने मेरे अधिकारों पर पाबंदी लगाई: दद्दू
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Mon, 02 Feb 2015 11:25 PM IST
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बसपा से निष्कासित पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद ने सोमवार को रामनगर में जनसभा कर ताकत दिखाई। इसमें समर्थकों संगबसपा सुप्रीमो के खिलाफ जमकर जहर उगला। सभा में मुख्य अतिथि दद्दू प्रसाद ने करीब डेढ़ घंटे भाषण दिया। कहा कि मायावती ने तो उनके अधिकारों पर भी पाबंदी लगा दी थी।
सोमवार को महात्मा ज्योतिबा राव इंटर कालेज रामनगर परिसर में हुए कार्यक्रम का शीर्षक सामाजिक परिवर्तन एवं आर्थिक मुक्ति आंदोलन के निर्माण हेतु बहुजन समाज बनाओ अभियान के तहत विचार गोष्ठी रखा गया था। दद्दू प्रसाद और अन्य नेताओं ने महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
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दद्दू प्रसाद ने कहा कि मानववादी परिवर्तन के आधार पर ही सामाजिक परिवर्तन होगा। बसपा में दलालों को प्रदेश प्रभारी बनाया गया है, जो मायावती को पैसा वसूलकर दे रहे हैं। अब बसपा में न्याय नहीं है। समाज का नेता बिकाऊ होने लगे तो समाज उसे बदल देता है। क्रांतिकारी, परिवर्तनकारी दद्दू प्रसाद मायावती के साथ नहीं रह सकता। कहा कि चाटुकारों से बसपा सुप्रीमो घिर चुकी हैं।
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किसी दल में नहीं जाऊंगा, अपना बहुजन समाज बनाऊंगा। उन्होंने तो यहां तक कहा कि जब वह मंत्री थे तब भी जेल में बंद तत्कालीन एक मंत्री से किसी गरीब की नौकरी की सिफारिश करते थे। मायावती के कहने पर कोई अधिकारी मेरी बात नहीं सुनता था। बहनजी, शशांक शेखर और सतीश मिश्रा बसपा की जड़ें काट रहे हैं। भाषण के दौरान कई बार दद्दू भावुक हो गए।
वहीं कन्नौज से आए सर्वेश अंबेडकर ने कहा कि बहिन जी जल्लादों की तरह फैसला लेती हैं। कन्नौज में टिकट मांगा तो 25 लाख की मांग कर दी, नहीं दिया तो टिकट कट गया। अलीगढ़ से आए एआर अकेला ने लोगों से कांशीराम के सपनों को पूरा करने के लिए दद्दू के समर्थन की मांग की।
ब्रजेश प्रजापति ने कहा कि नए नायक के चुनाव का समय आ गया है। शिवभूषण एडवोकेट का कहना था कि कांशीराम के चहेते तो दद्दू प्रसाद थे, वरासत ही गलत हो गई। पूर्व सेक्टर प्रभारी हजारी लाल ने गाया- पंख होते तो उड़ जाते कांशीराम के पास/ माया की करतूत बताते बसपा टूटी जात। इनके अलावा कमलेश वर्मा, राजकिशोर त्रिपाठी, जमुना केशरवानी, देशराज खंगार, बी लाल सविता, मो. आरिफ. मो. रईस, सादिक भाई मंसूरी, शिवप्रसाद निषाद आदि ने भी संबोधित किया। मंच से तमाम लोगों के बसपा छोड़ने की घोषणा भी की गई।
गुलाटी ने दद्दू पर लगाए आरोप
आरटीआई कार्यकर्ता और दद्दू के धुर विरोधी महेंद्र कुमार ओबेराय उर्फ गुलाटी ने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री मायावती न होतीं तो दद्दू भी ग्राम्य विकास मंत्री न होते। यह बैकवर्ड के नेता नहीं हैं। उन्होंने दद्दू पर ददुआ का साथ लेकर विधायक बनने का भी आरोप लगाया। बताया कि उन्होंने दद्दू की संपत्ति की जांच के लिए कई मामले दर्ज कराए हैं, जो लंबित हैं। कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधियों को जनता को दरकिनार कर देना चाहिए। मेरा पोल खोलो अभियान जारी रहेगा।