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समाजसेवियों के ‘जुगाड़’ से हुई मंदाकिनी की सफाई
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फोटो-4- जुगाड का यंत्र की नाव के सहारे मंदाकिनी नदी की सफाई करते युवक। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। मंदाकिनी नदी की सफाई के लिए प्रशासन ने कोई ठोस पहल नहीं की तो समाजसेवियों ने बीड़ा उठाया। उन्हें कोई मशीन नहीं मिली तो जुगाड़ से यंत्र बना लिया। पीपा पुल की तरह ड्रम से नाव बनाकर सफाई कर रहे हैं। कुछ युवक डंडे से ही कूड़ा निकालते रहते हैं।
मंदाकिनी नदी की सफाई के लिए पिछले माह समाजसेवी अभिमन्यु सिंह के नेतृत्व में नदी किनारे राजा घाट पर यहां के लोगों ने सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया था। एक माह तक कई सभाएं कर प्रशासनिक अधिकारियों और जिले के प्रतिनिधियों को जागृत करने का प्रयास किया गया। इसके बाद भी नदी की सफाई के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की गई।
इसके बाद अब जुगाड़ के यंत्र से समाजसेवियाें ने नदी की सफाई शुरू की है। इसमें समाज सेवी जुगनू खान के नेतृत्व में टीम ड्रम के माध्यम से नाव बनाकर नदी की सफाई कर रही है। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि मंदाकिनी नदी में शहर के दो दर्जन से अधिक नाले गिरते हैं। इससे नदी का पानी प्रदूषित होता है। इसी तरह से स्थानीय निवासी भी नदी में गंदगी डालते रहते हैं।
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मंदाकिनी को नर्मदा से जोड़ने की है योजना
मंदाकिनी नदी की सफाई के लिए साधु-संत भी कई बार आंदोलन कर चुके हैं। यूपी व एमपी के मुख्यमंत्री को नदी की सफाई के लिए ज्ञापन भी दिया गया था। अभी हाल ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने मंदाकिनी नदी मेें नर्मदा नदी से जोड़ने की बात कही है। इसके साथ ही मझगवा में एक बांध बनाने के लिए भी निर्देश दिया है, ताकि नदी की जल धारा बढ़ जाए।
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मंदाकिनी नदी की सफाई के लिए पिछले माह समाजसेवी अभिमन्यु सिंह के नेतृत्व में नदी किनारे राजा घाट पर यहां के लोगों ने सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया था। एक माह तक कई सभाएं कर प्रशासनिक अधिकारियों और जिले के प्रतिनिधियों को जागृत करने का प्रयास किया गया। इसके बाद भी नदी की सफाई के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की गई।
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इसके बाद अब जुगाड़ के यंत्र से समाजसेवियाें ने नदी की सफाई शुरू की है। इसमें समाज सेवी जुगनू खान के नेतृत्व में टीम ड्रम के माध्यम से नाव बनाकर नदी की सफाई कर रही है। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि मंदाकिनी नदी में शहर के दो दर्जन से अधिक नाले गिरते हैं। इससे नदी का पानी प्रदूषित होता है। इसी तरह से स्थानीय निवासी भी नदी में गंदगी डालते रहते हैं।
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मंदाकिनी को नर्मदा से जोड़ने की है योजना
मंदाकिनी नदी की सफाई के लिए साधु-संत भी कई बार आंदोलन कर चुके हैं। यूपी व एमपी के मुख्यमंत्री को नदी की सफाई के लिए ज्ञापन भी दिया गया था। अभी हाल ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने मंदाकिनी नदी मेें नर्मदा नदी से जोड़ने की बात कही है। इसके साथ ही मझगवा में एक बांध बनाने के लिए भी निर्देश दिया है, ताकि नदी की जल धारा बढ़ जाए।