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उपकृषि निदेशक पर एससीएसटी एक्ट व मारपीट की एफआईआर
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चित्रकूट। खेत तालाब योजना में किसानों को किस्त के बदले रिश्वत मांगने और न देने पर कमरे में बंद कर पिटाई के मामले में कृषि उप निदेशक चित्रकूट के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन पर एससी/एसटी एक्ट भी लगाया है। मामले की जांच शुरू हो गई है।
मामला 2019-20 का है। उस समय कृषि उप निदेशक बालगोविंद यादव जिला मुख्यालय के पुरानी बाजार स्थित भूमि संरक्षण विभाग में भूमि संरक्षण अधिकारी थे। पहाड़ी थाना क्षेत्र के पटिया जसी निवासी तुलसीराम ने बताया कि खेत तालाब योजना के तहत उसके खेत में तालाब बनना शुरू हुआ। योजना में सरकार की ओर से एक लाख 18 हजार रुपये मिलते हैं। बाकी का खर्च खेत मालिक करता है।
आरोप है कि सरकारी धनराशि की पहली किस्त देने में तत्कालीन भूमि संरक्षण अधिकारी बालगोविंद यादव ने अड़ंगा लगाया। कई बार कार्यालय के चक्कर लगवाये। ऐसा ही कौहारी गांव निवासी किसान कामता के साथ भी हुआ।
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आरोप लगाया कि कई बार चक्कर काटने के बाद भी जब उनके खाते में सरकारी अनुदान की राशि नहीं आई तो तत्कालीन भूमि संरक्षण अधिकारी बालगोविंद यादव से मिले। उन्होंने 30-30 हजार रुपये रिश्वत मांगी। इतने रुपये न दे पाने की बात कहने पर उन्हें भगा दिया। 28 मार्च 2022 को उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कहने पर उसे घर बुलाया गया और कमरा बंद कर पिटाई की।
इस मामले की 30 मार्च को कोतवाली में सूचना देने गया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद अदालत के आदेश पर कोतवाली में तत्कालीन भूमि संरक्षण अधिकारी (वर्तमान कृषि उप निदेशक) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, कृषि उप निदेशक बालगोविंद यादव ने आरोपों को गलत बताया। कहा कि किसान का खाता नंबर गलत होने पर धनराशि ट्रांसफर नहीं हुई थी। इसकी जानकारी किसान को दी गई थी। अब दबाव बनाने के लिए एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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मामला 2019-20 का है। उस समय कृषि उप निदेशक बालगोविंद यादव जिला मुख्यालय के पुरानी बाजार स्थित भूमि संरक्षण विभाग में भूमि संरक्षण अधिकारी थे। पहाड़ी थाना क्षेत्र के पटिया जसी निवासी तुलसीराम ने बताया कि खेत तालाब योजना के तहत उसके खेत में तालाब बनना शुरू हुआ। योजना में सरकार की ओर से एक लाख 18 हजार रुपये मिलते हैं। बाकी का खर्च खेत मालिक करता है।
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आरोप है कि सरकारी धनराशि की पहली किस्त देने में तत्कालीन भूमि संरक्षण अधिकारी बालगोविंद यादव ने अड़ंगा लगाया। कई बार कार्यालय के चक्कर लगवाये। ऐसा ही कौहारी गांव निवासी किसान कामता के साथ भी हुआ।
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आरोप लगाया कि कई बार चक्कर काटने के बाद भी जब उनके खाते में सरकारी अनुदान की राशि नहीं आई तो तत्कालीन भूमि संरक्षण अधिकारी बालगोविंद यादव से मिले। उन्होंने 30-30 हजार रुपये रिश्वत मांगी। इतने रुपये न दे पाने की बात कहने पर उन्हें भगा दिया। 28 मार्च 2022 को उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कहने पर उसे घर बुलाया गया और कमरा बंद कर पिटाई की।
इस मामले की 30 मार्च को कोतवाली में सूचना देने गया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद अदालत के आदेश पर कोतवाली में तत्कालीन भूमि संरक्षण अधिकारी (वर्तमान कृषि उप निदेशक) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, कृषि उप निदेशक बालगोविंद यादव ने आरोपों को गलत बताया। कहा कि किसान का खाता नंबर गलत होने पर धनराशि ट्रांसफर नहीं हुई थी। इसकी जानकारी किसान को दी गई थी। अब दबाव बनाने के लिए एफआईआर दर्ज कराई गई है।