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Chitrakoot News: बाबा की हत्या करने वाले को उम्रकैद
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चित्रकूट। चचेरे भाइयों को जमीन देने पर बाबा की हत्या करने वाले पौत्र को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।
शुक्रवार को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि 2 सितंबर 2019 को पहाड़ी थाने में इटौरा गांव निवासी भगवानदीन आरख ने भाई की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 65 वर्षीय उनके भाई रामदास एक सितंबर की शाम घर से खाना खाकर खेत की रखवाली करने गए थे। सबेरे रामदास घर नहीं लौटे। वह गोबर डालने खेत पहुंचा तो वहां रामदास शव पड़ा था। उनकी गला काटकर हत्या की गई थी। वादी के अनुसार हत्या भतीजे के बेटे प्रेमचंद आरख ने की थी, जो रामदास का रिश्ते में पौत्र है।
बताया कि रामदास अपने हिस्से की आठ बीघा जमीन दूसरे भतीजे के बेटों रामचंद्र, सुरेश चंद्र और महेश को दान में देने वाले थे, जिसका विरोध प्रेमचंद कर रहा था। इसके चलते उसने रामदास को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद हत्यारोपी को गिरफ्तार किया था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज विकास कुमार प्रथम ने दोषी प्रेमचंद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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शुक्रवार को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि 2 सितंबर 2019 को पहाड़ी थाने में इटौरा गांव निवासी भगवानदीन आरख ने भाई की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 65 वर्षीय उनके भाई रामदास एक सितंबर की शाम घर से खाना खाकर खेत की रखवाली करने गए थे। सबेरे रामदास घर नहीं लौटे। वह गोबर डालने खेत पहुंचा तो वहां रामदास शव पड़ा था। उनकी गला काटकर हत्या की गई थी। वादी के अनुसार हत्या भतीजे के बेटे प्रेमचंद आरख ने की थी, जो रामदास का रिश्ते में पौत्र है।
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बताया कि रामदास अपने हिस्से की आठ बीघा जमीन दूसरे भतीजे के बेटों रामचंद्र, सुरेश चंद्र और महेश को दान में देने वाले थे, जिसका विरोध प्रेमचंद कर रहा था। इसके चलते उसने रामदास को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद हत्यारोपी को गिरफ्तार किया था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज विकास कुमार प्रथम ने दोषी प्रेमचंद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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