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दो साल में आया फैसला, घर से महिला को लेकर गया था अभियुक्त
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चित्रकूट। निमंत्रण के बहाने घर से ले जाकर महिला की हत्या और साक्ष्य नष्ट करने के मामले में जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 16,000 रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि खोह गांव के निवासी योगेंद्र ने कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया कि उसकी पत्नी सरिता को बांदा जिले के बदौसा थाना क्षेत्र के तुर्रा गांव निवासी कैलाश त्रिपाठी 4 फरवरी 2020 की शाम को घर से लिवा ले गया। इसके बाद से उसकी पत्नी और कैलाश दोनों का मोबाइल बंद हो गया।
दूसरे दिन पांच फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। योगेंद्र के अनुसार उसकी पत्नी सरिता देवी को निमंत्रण के बहाने कैलाश त्रिपाठी ले गया था और देवांगना घाटी में पत्थर से कूंचकर उसकी हत्या कर दी। बचने के लिए शव जंगल में फेंक दिया।
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12 फरवरी को सरिता का शव पदेवांगना घाटी की पहाड़ी पर मिला था। पुलिस की सूचना पर उसने मौके पर जाकर शव की शिनाख्त की थी।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद से आरोपी कैलाश जेल में बंद है।
सोमवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा और 16 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
अभियुक्त पहले से जेल में निरुद्ध है। जिला जज ने फैसले में यह भी उल्लेख किया है कि अभियुक्त की जेल में बिताई गई अवधि उसकी सजा में समायोजित होगी। इसके अलावा अर्थदंड की आधी धनराशि मृतका के वारिस को दी जाएगी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि खोह गांव के निवासी योगेंद्र ने कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया कि उसकी पत्नी सरिता को बांदा जिले के बदौसा थाना क्षेत्र के तुर्रा गांव निवासी कैलाश त्रिपाठी 4 फरवरी 2020 की शाम को घर से लिवा ले गया। इसके बाद से उसकी पत्नी और कैलाश दोनों का मोबाइल बंद हो गया।
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दूसरे दिन पांच फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। योगेंद्र के अनुसार उसकी पत्नी सरिता देवी को निमंत्रण के बहाने कैलाश त्रिपाठी ले गया था और देवांगना घाटी में पत्थर से कूंचकर उसकी हत्या कर दी। बचने के लिए शव जंगल में फेंक दिया।
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12 फरवरी को सरिता का शव पदेवांगना घाटी की पहाड़ी पर मिला था। पुलिस की सूचना पर उसने मौके पर जाकर शव की शिनाख्त की थी।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद से आरोपी कैलाश जेल में बंद है।
सोमवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा और 16 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
अभियुक्त पहले से जेल में निरुद्ध है। जिला जज ने फैसले में यह भी उल्लेख किया है कि अभियुक्त की जेल में बिताई गई अवधि उसकी सजा में समायोजित होगी। इसके अलावा अर्थदंड की आधी धनराशि मृतका के वारिस को दी जाएगी।